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Srinagar News: लेह हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन से मिले वांगचुक, अपनों को याद सिसक उठे पीड़ित
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24 सितंबर को जान गंवाने वालों के परिजनों को सांत्वना देते हुए सोनम वांगचुक दिखाई दिए, स्रोत — स
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पीड़ित बोले-न्याय न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन से मुलाकात की। इस दौरान हिंसा में जान गंवाने वाले अपने लोगों को याद कर परिजन सिसक उठे। वांगचुक के साथ उनकी पत्नी गीतांजलि, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी थे।
माहौल इतना भावुक था कि मृतकों के परिजन ठीक से भी नहीं बोल पा रहे थे। वांगचुक के साथ ही लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों को समर्थन का भरोसा दिलाया। परिजन ने कहा कि वे न्याय की मांग कर रहे हैं और जब तक जवाबदेही तय नहीं होती वे संघर्ष जारी रखेंगे।
बता दें कि लेह हिंसा में जिगमेट दोरजे (25), स्टेंजिन नमग्याल (23), रिनचेन दादुल (20) और सिवांग थारचिन (46) की जान गई थी। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर राजस्थान स्थित जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया था। वहां से करीब छह माह बाद रिहा होकर 22 मार्च को वांगचुक लेह पहुंचे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा में मारे गए लोगों के परिजन से मुलाकात की। इस दौरान हिंसा में जान गंवाने वाले अपने लोगों को याद कर परिजन सिसक उठे। वांगचुक के साथ उनकी पत्नी गीतांजलि, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी थे।
माहौल इतना भावुक था कि मृतकों के परिजन ठीक से भी नहीं बोल पा रहे थे। वांगचुक के साथ ही लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों को समर्थन का भरोसा दिलाया। परिजन ने कहा कि वे न्याय की मांग कर रहे हैं और जब तक जवाबदेही तय नहीं होती वे संघर्ष जारी रखेंगे।
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बता दें कि लेह हिंसा में जिगमेट दोरजे (25), स्टेंजिन नमग्याल (23), रिनचेन दादुल (20) और सिवांग थारचिन (46) की जान गई थी। इसके बाद भड़काऊ भाषण देने के आरोप में सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर राजस्थान स्थित जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया था। वहां से करीब छह माह बाद रिहा होकर 22 मार्च को वांगचुक लेह पहुंचे हैं।