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जिसने हमारे बच्चों को बर्बाद करने की कोशिश की है, उन्हें नेस्तनाबूद कर देंगे : एलजी
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बांदीपोरा में पदयात्रा के दौरान उपराज्यपाल। संवाद
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- मनोज सिन्हा ने बांदीपोरा में नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए किया पदयात्रा का नेतृत्व
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को बांदीपोरा में नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिसने हमारे बच्चों को बर्बाद करने की कोशिश की है, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, जब तक जम्मू-कश्मीर की पवित्र धरती से नशा तस्करों का सफाया नहीं हो जाता तब तक यह कार्रवाई चलती रहेगी। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होगी। खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे लोगों का आभार जताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले 45 दिनों में जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों, महिलाओं और युवाओं ने नशे के खिलाफ अभियान में अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है। जम्मू के मैदान से तस्करों और नार्को-टेरर के खिलाफ जो अभियान शुरू हुआ था वह आज आप सबके सहयोग से एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
एलजी ने नार्को-टेरर को जम्मू-कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि नशे के कारोबार से कमाया गया पैसा सीधे आतंकवादी संगठनों तक पहुंच रहा है। इसी तंत्र ने कई बहनों को विधवा किया और बच्चों से उनके पिता का साया छीना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस आतंकी और नशीले तंत्र को किसी भी हाल में जीवित नहीं रहने दिया जाएगा।
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उपराज्यपाल ने कहा कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित माना जाना चाहिए। प्रशासन जल्द ही एक नई पुनर्वास नीति लेकर आ रहा है, जिसके जरिए इन युवाओं को मुख्यधारा में लौटने, रोजगार से जुड़ने और सम्मानजनक जीवन जीने के पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने समाज से अपील की कि वे इसे एक कलंक न मानें, बल्कि संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों की मदद करें।
संबोधन के दौरान एलजी ने जब वहां मौजूद जनता से पूछा कि क्या ड्रग तस्करों के खिलाफ और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए तो जनसमूह ने हाथ उठाकर इसका पूरा समर्थन किया। एलजी ने बांदीपुरा की जनता को आश्वस्त किया कि यह कार्रवाई न केवल जारी रहेगी, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक कड़ाई से लागू की जाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि यह जंग केवल कानून के भरोसे नहीं जीती जा सकती, इसमें हर मां-बाप, शिक्षक, धार्मिक गुरु और जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
860 से ज्यादा एफआईआर, 950 से अधिक तस्करों को जेल भेजा
उपराज्यपाल ने बताया कि प्रशासन ने एक सख्त एसओपी तैयार की है। इसके तहत केवल आपराधिक एफआईआर दर्ज नहीं की जाएंगी बल्कि दोषियों के ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और पासपोर्ट भी रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। हमारी एजेंसियों ने नार्को-आतंकवादियों और उनके छिपे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है। 45 दिनों में अब तक 860 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। 950 से अधिक ड्रग तस्करों को जेल भेजा गया है। 59 तस्करों को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। काले धन से बनाए गए 101 भवनों को पुलिस ने अटैच किया है। 457 से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। 606 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और 116 पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश भेजी गई है।
पीड़ितों को मिलेगा इज्जत से जीने का मौका
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारा मकसद यह है कि एक भी युवा पीछे न छूटे। हम उन्हें नौकरियां, मौके और इज्जत से जीने के साधन देंगे। मेरा पक्का मानना है कि ''''नशामुक्त जम्मू-कश्मीर'''' की कामयाबी को सिर्फ पकड़े गए ड्रग तस्करों की गिनती से नहीं, बल्कि उन जिंदगी की गिनती से मापा जाएगा जिन्हें हम फिर से संवार सकते हैं। इसे उन घरों से मापा जाएगा जिन्हें फिर से बसाया जा सकता है और उन युवाओं से जो अपने सपने पूरे कर सकते हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक उनके सपने पूरे नहीं हो जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे।
3,000 युवा क्लब स्थापित किए गए
नशा मुक्त भारत अभियान को कश्मीर के लिए आशा की एक नई किरण बताते हुए उपराल्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भर में लगभग 3,000 युवा क्लब स्थापित किए गए हैं ताकि युवाओं को रचनात्मक और समुदाय-आधारित गतिविधियों में शामिल किया जा सके और उन्हें नशे की लत से बचाया जा सके। इस साल की शुरुआत में शुरू किया गया यह नशा-विरोधी अभियान घाटी में नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन, पुनर्वास और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ता है।
वकार नॉलेज सेंटर का किया उद्घाटन
नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत बांदीपोरा प्रशासन ने वकार नॉलेज सेंटर की स्थापना की है। सोमवार को इसका उद्घाटन उपराज्यपाल ने किया। अधिकारियों ने बताया कि इसके जरिए नशे की लत से उबर रहे लोगों को पुनर्वास, समाज से जुड़ने और फिर से मुख्यधारा में शामिल होने के लिए तैयार किया गया है। यह पहल इस संदेश को और मजबूत करती है कि जो लोग नशे की लत का रास्ता छोड़ना चाहते हैं। उनके पास सरकार द्वारा समर्थित विभिन्न अवसरों और सहायता प्रणालियों तक पहुंच उपलब्ध है। यह केंद्र एक स्पोर्ट्स कॉर्नर, बैडमिंटन कोर्ट, रीडिंग लाइब्रेरी और एक सूचना डेस्क की सुविधा प्रदान करता है। यह सूचना डेस्क सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन देता है। प्रशासन की योजना जिले के हर ब्लॉक में एक ‘वकार नॉलेज सेंटर’ स्थापित करने की है।
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को बांदीपोरा में नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिसने हमारे बच्चों को बर्बाद करने की कोशिश की है, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, जब तक जम्मू-कश्मीर की पवित्र धरती से नशा तस्करों का सफाया नहीं हो जाता तब तक यह कार्रवाई चलती रहेगी। आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होगी। खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे लोगों का आभार जताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले 45 दिनों में जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों, महिलाओं और युवाओं ने नशे के खिलाफ अभियान में अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है। जम्मू के मैदान से तस्करों और नार्को-टेरर के खिलाफ जो अभियान शुरू हुआ था वह आज आप सबके सहयोग से एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
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एलजी ने नार्को-टेरर को जम्मू-कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि नशे के कारोबार से कमाया गया पैसा सीधे आतंकवादी संगठनों तक पहुंच रहा है। इसी तंत्र ने कई बहनों को विधवा किया और बच्चों से उनके पिता का साया छीना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस आतंकी और नशीले तंत्र को किसी भी हाल में जीवित नहीं रहने दिया जाएगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित माना जाना चाहिए। प्रशासन जल्द ही एक नई पुनर्वास नीति लेकर आ रहा है, जिसके जरिए इन युवाओं को मुख्यधारा में लौटने, रोजगार से जुड़ने और सम्मानजनक जीवन जीने के पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने समाज से अपील की कि वे इसे एक कलंक न मानें, बल्कि संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों की मदद करें।
संबोधन के दौरान एलजी ने जब वहां मौजूद जनता से पूछा कि क्या ड्रग तस्करों के खिलाफ और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए तो जनसमूह ने हाथ उठाकर इसका पूरा समर्थन किया। एलजी ने बांदीपुरा की जनता को आश्वस्त किया कि यह कार्रवाई न केवल जारी रहेगी, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक कड़ाई से लागू की जाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि यह जंग केवल कानून के भरोसे नहीं जीती जा सकती, इसमें हर मां-बाप, शिक्षक, धार्मिक गुरु और जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
860 से ज्यादा एफआईआर, 950 से अधिक तस्करों को जेल भेजा
उपराज्यपाल ने बताया कि प्रशासन ने एक सख्त एसओपी तैयार की है। इसके तहत केवल आपराधिक एफआईआर दर्ज नहीं की जाएंगी बल्कि दोषियों के ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और पासपोर्ट भी रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। हमारी एजेंसियों ने नार्को-आतंकवादियों और उनके छिपे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है। 45 दिनों में अब तक 860 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। 950 से अधिक ड्रग तस्करों को जेल भेजा गया है। 59 तस्करों को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। काले धन से बनाए गए 101 भवनों को पुलिस ने अटैच किया है। 457 से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। 606 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और 116 पासपोर्ट रद्द करने की सिफारिश भेजी गई है।
पीड़ितों को मिलेगा इज्जत से जीने का मौका
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारा मकसद यह है कि एक भी युवा पीछे न छूटे। हम उन्हें नौकरियां, मौके और इज्जत से जीने के साधन देंगे। मेरा पक्का मानना है कि ''''नशामुक्त जम्मू-कश्मीर'''' की कामयाबी को सिर्फ पकड़े गए ड्रग तस्करों की गिनती से नहीं, बल्कि उन जिंदगी की गिनती से मापा जाएगा जिन्हें हम फिर से संवार सकते हैं। इसे उन घरों से मापा जाएगा जिन्हें फिर से बसाया जा सकता है और उन युवाओं से जो अपने सपने पूरे कर सकते हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक उनके सपने पूरे नहीं हो जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे।
3,000 युवा क्लब स्थापित किए गए
नशा मुक्त भारत अभियान को कश्मीर के लिए आशा की एक नई किरण बताते हुए उपराल्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर भर में लगभग 3,000 युवा क्लब स्थापित किए गए हैं ताकि युवाओं को रचनात्मक और समुदाय-आधारित गतिविधियों में शामिल किया जा सके और उन्हें नशे की लत से बचाया जा सके। इस साल की शुरुआत में शुरू किया गया यह नशा-विरोधी अभियान घाटी में नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन, पुनर्वास और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ता है।
वकार नॉलेज सेंटर का किया उद्घाटन
नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत बांदीपोरा प्रशासन ने वकार नॉलेज सेंटर की स्थापना की है। सोमवार को इसका उद्घाटन उपराज्यपाल ने किया। अधिकारियों ने बताया कि इसके जरिए नशे की लत से उबर रहे लोगों को पुनर्वास, समाज से जुड़ने और फिर से मुख्यधारा में शामिल होने के लिए तैयार किया गया है। यह पहल इस संदेश को और मजबूत करती है कि जो लोग नशे की लत का रास्ता छोड़ना चाहते हैं। उनके पास सरकार द्वारा समर्थित विभिन्न अवसरों और सहायता प्रणालियों तक पहुंच उपलब्ध है। यह केंद्र एक स्पोर्ट्स कॉर्नर, बैडमिंटन कोर्ट, रीडिंग लाइब्रेरी और एक सूचना डेस्क की सुविधा प्रदान करता है। यह सूचना डेस्क सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन देता है। प्रशासन की योजना जिले के हर ब्लॉक में एक ‘वकार नॉलेज सेंटर’ स्थापित करने की है।