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Srinagar News: श्रीनगर में एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
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श्रीनगर के लाल चौक स्थित प्रेस एन्क्लेव में प्रदर्शन करते एनएचएम कर्मी। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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-लंबित मांगें पूरी करने को लेकर सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर 48 घंटे का धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन मांगों में उनकी सेवाओं को नियमित करना, वेतन में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल हैं। हड़ताल के कारण कुछ जगहों पर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 48 घंटे का यह प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर नेशनल हेल्थ मिशन (जेकेएनएचएम) एम्प्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले किया जा रहा है। एनएचएम के कुछ कर्मचारियों ने यहां प्रेस एन्क्लेव में भी प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए जिनमें वेतन में तत्काल बढ़ोतरी, रिटायरमेंट पॉलिसी और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल थे। उन्होंने कहा कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।
जेकेएनएचएम एम्प्लाइज एसोसिएशन के मुख्य प्रवक्ता अब्दुल रऊफ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने इस कार्यक्रम की जानकारी लगभग आठ दिन पहले दे दी थी। हमने यहां शेर-ए-कश्मीर पार्क में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी लेकिन अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने को लेकर गंभीर है तो उसे एनएचएम कर्मचारियों के मुद्दों को हल करना चाहिए जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर अपने वेतन में बढ़ोतरी चाहते हैं। हमारी मुख्य मांग जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी, तत्काल जॉब पॉलिसी और विभाग की सेवा से रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए गोल्डन हैंडशेक (सेवानिवृत्ति लाभ) है।
फिलहाल 48 घंटे की हड़ताल है, अगला फैसला कमेटी करेगी
रऊफ ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की भी मांग कर रहे हैं। अगर सरकार इसमें समय लेती है तो हमारी तत्काल मांग है कि समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए और वेतन में तत्काल बढ़ोतरी की जाए क्योंकि कर्मचारी बहुत कम वेतन पर काम कर रहे हैं। आगे की योजना के बारे में पूछे गए सवाल में जवाब में रउफ ने कहा कि अभी फिलहाल 48 घंटे की हड़ताल है। उसके बाद हमारी जम्मू-कश्मीर की कोऑर्डिनेशन कमेटी बैठेगी और इसपर फैसला लिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर 48 घंटे का धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन मांगों में उनकी सेवाओं को नियमित करना, वेतन में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल हैं। हड़ताल के कारण कुछ जगहों पर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 48 घंटे का यह प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर नेशनल हेल्थ मिशन (जेकेएनएचएम) एम्प्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले किया जा रहा है। एनएचएम के कुछ कर्मचारियों ने यहां प्रेस एन्क्लेव में भी प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए जिनमें वेतन में तत्काल बढ़ोतरी, रिटायरमेंट पॉलिसी और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल थे। उन्होंने कहा कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।
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जेकेएनएचएम एम्प्लाइज एसोसिएशन के मुख्य प्रवक्ता अब्दुल रऊफ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने इस कार्यक्रम की जानकारी लगभग आठ दिन पहले दे दी थी। हमने यहां शेर-ए-कश्मीर पार्क में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी लेकिन अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने को लेकर गंभीर है तो उसे एनएचएम कर्मचारियों के मुद्दों को हल करना चाहिए जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर अपने वेतन में बढ़ोतरी चाहते हैं। हमारी मुख्य मांग जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी, तत्काल जॉब पॉलिसी और विभाग की सेवा से रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए गोल्डन हैंडशेक (सेवानिवृत्ति लाभ) है।
फिलहाल 48 घंटे की हड़ताल है, अगला फैसला कमेटी करेगी
रऊफ ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपनी सेवाओं को रेगुलर करने की भी मांग कर रहे हैं। अगर सरकार इसमें समय लेती है तो हमारी तत्काल मांग है कि समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए और वेतन में तत्काल बढ़ोतरी की जाए क्योंकि कर्मचारी बहुत कम वेतन पर काम कर रहे हैं। आगे की योजना के बारे में पूछे गए सवाल में जवाब में रउफ ने कहा कि अभी फिलहाल 48 घंटे की हड़ताल है। उसके बाद हमारी जम्मू-कश्मीर की कोऑर्डिनेशन कमेटी बैठेगी और इसपर फैसला लिया जाएगा।