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Srinagar News: लंगेट के ऐतिहासिक दांद कदल पुल का पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ
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- स्थानीय लोग बोले, अधिकारियों से कई बार आश्वासन मिले लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में लंगेट के लोगों ने ऐतिहासिक दांद कदल पुल के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद पिछले कई वर्षों से इस पर कोई काम शुरू नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल वर्ष 2023 में क्षतिग्रस्त हो गया था जो लंगेट कस्बे और मावर इलाके के कई गांवों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से लोगों को बाजारों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। परेशान निवासियों ने बताया कि पुल न होने के कारण उन्हें रोजाना कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद अधिकारी कई बार मौके पर आए और जल्द पुनर्निर्माण का वादा किया लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद लंगेट निर्वाचन क्षेत्र से ही आते हैं। उन्होंने लंगेट के विधायक शेख खुर्शीद को भी समस्या से कई बार अवगत करा चुके हैं। स्थानीय निवासी समीर अहमद ने बताया कि पिछले कई सालों से पुल की हालत जस की तस बनी हुई है। हमें नहीं पता कि हमें और कितने समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
मावर के पास के एक गांव के किसान फारूक अहमद माग्रे ने बताया कि टूटे हुए पुल ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले हमें लंगेट बाजार पहुंचने में करीब 10 मिनट लगते थे। अब हमें काफी लंबा सफर तय करना पड़ता है जिसमें लगभग एक घंटा लग जाता है। इससे हमारा आने-जाने का खर्च बढ़ गया है। समय भी बर्बाद हो रहा है।
व्यापारिक गतिविधियां भी हुईं प्रभावित
व्यापारी मुश्ताक अहमद ने बताया कि इस देरी के कारण इलाके में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। मावर इलाके के लोग खरीदारी और व्यापार के लिए लंगेट आया करते थे। पुल टूटने के कारण लोगों की आवाजाही कम हो गई है जिसका खामियाजा स्थानीय व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से अपील की कि उनकी गुहार सुनी जाए और समाधान किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में लंगेट के लोगों ने ऐतिहासिक दांद कदल पुल के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकार से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद पिछले कई वर्षों से इस पर कोई काम शुरू नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल वर्ष 2023 में क्षतिग्रस्त हो गया था जो लंगेट कस्बे और मावर इलाके के कई गांवों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से लोगों को बाजारों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। परेशान निवासियों ने बताया कि पुल न होने के कारण उन्हें रोजाना कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद अधिकारी कई बार मौके पर आए और जल्द पुनर्निर्माण का वादा किया लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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लोगों ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद लंगेट निर्वाचन क्षेत्र से ही आते हैं। उन्होंने लंगेट के विधायक शेख खुर्शीद को भी समस्या से कई बार अवगत करा चुके हैं। स्थानीय निवासी समीर अहमद ने बताया कि पिछले कई सालों से पुल की हालत जस की तस बनी हुई है। हमें नहीं पता कि हमें और कितने समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
मावर के पास के एक गांव के किसान फारूक अहमद माग्रे ने बताया कि टूटे हुए पुल ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले हमें लंगेट बाजार पहुंचने में करीब 10 मिनट लगते थे। अब हमें काफी लंबा सफर तय करना पड़ता है जिसमें लगभग एक घंटा लग जाता है। इससे हमारा आने-जाने का खर्च बढ़ गया है। समय भी बर्बाद हो रहा है।
व्यापारिक गतिविधियां भी हुईं प्रभावित
व्यापारी मुश्ताक अहमद ने बताया कि इस देरी के कारण इलाके में व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। मावर इलाके के लोग खरीदारी और व्यापार के लिए लंगेट आया करते थे। पुल टूटने के कारण लोगों की आवाजाही कम हो गई है जिसका खामियाजा स्थानीय व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से अपील की कि उनकी गुहार सुनी जाए और समाधान किया जाए।