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श्रीनगर: छह दशक बाद सचिवालय की इमारत को दिया जा रहा नया रूप, पढ़िए इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

Thu, 15 Jul 2021 01:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Thu, 15 Jul 2021 01:30 AM IST
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Srinagar Secretariat whitewash going on Srinagar Secretariat
नागरिक सचिवालय - फोटो : अमर उजाला

मध्य कश्मीर के श्रीनगर में स्थित नागरिक सचिवालय की इमारत के निर्माण के करीब छह दशक बाद पहली बार नया रूप देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इमारत के बाहरी हिस्से में सफेदी का काम शुरू किया गया है। इस इमारत की आधारशिला जम्मू-कश्मीर के तीसरे प्रधानमंत्री बख्शी गुलाम मोहम्मद ने 1961 में रखी थी। 1963 में बनकर यह तैयार हुआ। तब से यह इमारत बाहर से सीमेंटेड लुक में थी।



नागरिक सचिवालय में करीब 20 वर्ष से अधिक समय तक कार्य करने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने बताया कि जब से इस इमारत का निर्माण हुआ है, अब तक इस पर कभी सफेदी नहीं की गई। इमारत का निर्माण ही ऐसा किया गया कि इस पर रंग रोगन न करना पड़े। हालांकि जम्मू के नागरिक सचिवालय की इमारत को लगभग हर साल दरबार मूव से पहले सफेदी की जाती थी।

सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सफेदी का काम शुरू कर दिया गया है और अब तक इमारत के आधे हिस्से को सफेदी की गई है। इससे इमारत की मौलिकता खो गई है। उन्हें नहीं पता कि इमारत का रंग बदलने के फैसले के पीछे क्या उद्देश्य है। अधिकारी ने कहा कि इमारत के सीमेंटेड लुक को संरक्षित किया जा सकता था, भले ही उसमें कोई कमी पेशी थी। नए सचिवालय के रूप में लोकप्रिय इस भवन का निर्माण 1961 में शहीद गंज इलाके में किया गया था, क्योंकि इससे पहले झेलम नदी के तट पर पुराने सचिवालय में जगह कम पड़ गई थी।

Srinagar Secretariat whitewash going on Srinagar Secretariat
नागरिक सचिवालय - फोटो : अमर उजाला
1963 में बनी थी यह इमारत, निर्माण में लगे थे 400 मजदूर

इस नए सचिवालय भवन की आधारशिला 15 जून 1961 को जम्मू-कश्मीर के तीसरे प्रधानमंत्री बख्शी गुलाम मोहम्मद द्वारा रखी गई थी। पी एन वांचू (तत्कालीन चीफ इंजीनियर जम्मू-कश्मीर आरएंडबी) मैसर्स एशियन बिल्डिंग कारपोरेशन को सौंपी गई परियोजना के निष्पादन के प्रभारी थे। इस इमारत के लिए सेनेटरी का काम श्रीनगर स्थित एक फर्म मेसर्स भास्कर नाथ रैना एंड संस को सौंपा गया था। लगभग 400 मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे और इसे अप्रैल 1963 में पूरा किया गया था। नया सचिवालय 51 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ था।

Srinagar Secretariat whitewash going on Srinagar Secretariat
नागरिक सचिवालय - फोटो : अमर उजाला

भवन के अंदर कर्मचारियों की सुविधा के लिए एक डाकघर, टेलीफोन एक्सचेंज और एक कैफेटेरिया भी उपलब्ध कराया गया है। परिसर में जम्मू और कश्मीर बैंक की एक पूर्ण शाखा भी चालू है। सचिवालय भवन के बाहरी साइड में सीमेंट का उपयोग किया गया है।

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नागरिक सचिवालय - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि जिस स्थान पर सचिवालय का निर्माण हुआ है उसे उस्मान जनाना पार्क या गोल बाग के नाम से जाना जाता था। यह पार्क नए उच्च न्यायालय परिसर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र सहित जहांगीर चौक तक फैला हुआ था। भवन का उद्घाटन 3 मई 1963 को हुआ और 6 मई 1963 को उसे इस्तेमाल में लाया गया और जम्मू से सभी कार्यालय सीधा वहीं चले गए।

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नागरिक सचिवालय - फोटो : अमर उजाला

वहीं एस्टेट विभाग के निदेशक सुभाष छिब्बर ने बताया कि यह कार्य एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कश्मीर की निगरानी में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह काफी पुरानी बिल्डिंग थी इसलिए सफेदी का काम किया जा रहा है। छिब्बर ने कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है। गौरतलब है कि पिछली बार नागरिक सचिवालय अगस्त 2019 में तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य के झंडे को हटाने को लेकर चर्चा में था। केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त करने बाद तिरंगा लहराया गया था।

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