{"_id":"69d810c5012a6c507407a1cf","slug":"cattle-shed-lack-of-facilities-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-134585-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: पशुबाड़े में मूलभूत सुविधाओं की कमी, दम तोड़ रहे बेजुबान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: पशुबाड़े में मूलभूत सुविधाओं की कमी, दम तोड़ रहे बेजुबान
विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। पुलिस स्टेशन के समीप नगर परिषद का पशुबाड़ा बेजुबान जानवरों के लिए मुसीबत बन गया है। लाखों खर्च होने के बावजूद रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मवेशी प्रशासनिक उपेक्षा के कारण दम तोड़ रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि यह लापरवाही न सिर्फ बेजुबानों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है बल्कि आस्था को भी ठेस पहुंचा रही है।
वर्ष 2021 में लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर बाड़े का जीर्णोद्धार किया गया था। नए शेड, पानी के टैंक, पंखे और चारे के भंडारण का प्रबंध किया गया था। उचित देखरेख के अभाव में हालात खराब हो गए हैं। अब तक नगर परिषद खुद पशुबाड़े का संचालन नहीं कर सका न ही किसी संस्था को ठेके पर दिया है।
समाजसेवक पवन देव सिंह के अनुसार कई बेजुबान प्रशासनिक उपेक्षा के चलते जान गंवा चुके हैं। यहां मवेशी तस्करों से छुड़ाए मवेशियों को लाकर रखा जाता है लेकिन सुविधाओं की कमी जान पर भारी पड़ रही है। स्थानीय कमल शर्मा ने बताया कि काफी चिंताजनक है कि जिस गोवंश को मां मानकर पूजा जाता है उसे इस पशुबाड़े में बदहाली में मरने के लिए छोड़ा जा रहा है। प्रशासन अगर जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रहा है तो वे पशुबाड़ा शहरवासियों को सौंप दे।
जनसहयोग युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक वर्मा के अनुसार पशुबाड़े की हालत दयनीय है। गोबर और कीचड़ से फर्श दलदल बन चुका है। चारे-पानी का उचित प्रबंध नहीं हैं। प्रशासन से मांग है कि अगर वे पशुबाड़ा का ठीक से संचालन नहीं कर पा रहा है तो इसे हमारे हवाले कर दे।
Trending Videos
वर्ष 2021 में लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर बाड़े का जीर्णोद्धार किया गया था। नए शेड, पानी के टैंक, पंखे और चारे के भंडारण का प्रबंध किया गया था। उचित देखरेख के अभाव में हालात खराब हो गए हैं। अब तक नगर परिषद खुद पशुबाड़े का संचालन नहीं कर सका न ही किसी संस्था को ठेके पर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाजसेवक पवन देव सिंह के अनुसार कई बेजुबान प्रशासनिक उपेक्षा के चलते जान गंवा चुके हैं। यहां मवेशी तस्करों से छुड़ाए मवेशियों को लाकर रखा जाता है लेकिन सुविधाओं की कमी जान पर भारी पड़ रही है। स्थानीय कमल शर्मा ने बताया कि काफी चिंताजनक है कि जिस गोवंश को मां मानकर पूजा जाता है उसे इस पशुबाड़े में बदहाली में मरने के लिए छोड़ा जा रहा है। प्रशासन अगर जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रहा है तो वे पशुबाड़ा शहरवासियों को सौंप दे।
जनसहयोग युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक वर्मा के अनुसार पशुबाड़े की हालत दयनीय है। गोबर और कीचड़ से फर्श दलदल बन चुका है। चारे-पानी का उचित प्रबंध नहीं हैं। प्रशासन से मांग है कि अगर वे पशुबाड़ा का ठीक से संचालन नहीं कर पा रहा है तो इसे हमारे हवाले कर दे।