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Udhampur News: दूसरे दिन भी ठप रही स्वास्थ्य सेवाएं, जीएमसी से सीएचसी तक बेबस दिखे मरीज
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उधमपुर/रियासी/चिनैनी। जम्मू मेडिकल एम्प्लॉइज फेडरेशन और नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। उधमपुर जीएमसी समेत रियासी और चिनैनी के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई। ओपीडी सेवाएं ठप रहने के कारण दूरदराज क्षेत्रों से आए सैकड़ों मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा। केवल आपातकालीन सेवाएं ही संचालित की गईं जबकि रूटीन जांच और परामर्श के लिए मरीज भटकते रहे।
उधमपुर और रियासी के दूरस्थ गांवों से बसों के जरिये और निजी वाहन किराए पर लेकर पहुंचे मरीजों को ओपीडी पर ताले ने निराश किया। तीमारदार राकेश और संजय का कहना है कि हम सुबह से कतार में थे लेकिन बताया गया कि डॉक्टर नहीं आएंगे। गरीब आदमी निजी अस्पताल का खर्च कैसे उठाएगा? सरकार को जल्द बीच का रास्ता निकालना चाहिए। कई गंभीर मरीजों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा जिससे उनकी जेब पर आर्थिक बोझ पड़ा है। जीएमसी के एमएस डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार एमरजेंसी में डॉक्टरों ने सेवाएं जारी रखीं लेकिन हड़ताल के चलते मरीजों की संख्या कम रही।
स्वास्थ्य कर्मियों ने भी भरी हुंकार
जीएमसी उधमपुर में भारी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और एनएचएम कर्मचारी एकत्रित हुए। प्रदर्शन में केवल स्थानीय कर्मचारी ही नहीं बल्कि मजालता और रामनगर के स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एचओडी डॉ. धीरज शर्मा ने कहा कि सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था लेकिन आश्वासन ही मिले। उन्होंने एलान किया कि अब हड़ताल को 72 घंटे तक बढ़ाया जाएगा।
नियमितीकरण या समान कार्य-समान वेतन मिले
एनएचएम यूनियन (जम्मू प्रांत) के महासचिव अजय कुमार शर्मा ने कहा कि 18 वर्षों से अनुबंध के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। महंगाई के दौर में न तो स्थायी किया और न ही वेतन में वृद्धि की गई। विकसित देशों में कर्मचारियों को सुरक्षा दी जा रही है जबकि यहां सरकार ने ढाई दिन का वेतन काटने का फरमान जारी कर दिया है। मांग स्पष्ट है या तो नियमितीकरण हो या फिर समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। रियासी अस्पताल में भी स्थिति नाजुक रही। जिला प्रधान नरेश शर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शुक्रवार तक मांगों पर ठोस विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। सीएचसी चिनैनी के बाहर भी स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी
अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों का तुरंत स्थायीकरण
हाल ही में जारी ढाई दिन के वेतन कटौती के आदेश को वापस लेना
समान काम-समान वेतन की नीति को लागू करना
वेतन में वृद्धि
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उधमपुर और रियासी के दूरस्थ गांवों से बसों के जरिये और निजी वाहन किराए पर लेकर पहुंचे मरीजों को ओपीडी पर ताले ने निराश किया। तीमारदार राकेश और संजय का कहना है कि हम सुबह से कतार में थे लेकिन बताया गया कि डॉक्टर नहीं आएंगे। गरीब आदमी निजी अस्पताल का खर्च कैसे उठाएगा? सरकार को जल्द बीच का रास्ता निकालना चाहिए। कई गंभीर मरीजों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ा जिससे उनकी जेब पर आर्थिक बोझ पड़ा है। जीएमसी के एमएस डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार एमरजेंसी में डॉक्टरों ने सेवाएं जारी रखीं लेकिन हड़ताल के चलते मरीजों की संख्या कम रही।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने भी भरी हुंकार
जीएमसी उधमपुर में भारी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और एनएचएम कर्मचारी एकत्रित हुए। प्रदर्शन में केवल स्थानीय कर्मचारी ही नहीं बल्कि मजालता और रामनगर के स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एचओडी डॉ. धीरज शर्मा ने कहा कि सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था लेकिन आश्वासन ही मिले। उन्होंने एलान किया कि अब हड़ताल को 72 घंटे तक बढ़ाया जाएगा।
नियमितीकरण या समान कार्य-समान वेतन मिले
एनएचएम यूनियन (जम्मू प्रांत) के महासचिव अजय कुमार शर्मा ने कहा कि 18 वर्षों से अनुबंध के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। महंगाई के दौर में न तो स्थायी किया और न ही वेतन में वृद्धि की गई। विकसित देशों में कर्मचारियों को सुरक्षा दी जा रही है जबकि यहां सरकार ने ढाई दिन का वेतन काटने का फरमान जारी कर दिया है। मांग स्पष्ट है या तो नियमितीकरण हो या फिर समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। रियासी अस्पताल में भी स्थिति नाजुक रही। जिला प्रधान नरेश शर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार कर धरना दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शुक्रवार तक मांगों पर ठोस विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। सीएचसी चिनैनी के बाहर भी स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदर्शन किया।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी
अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों का तुरंत स्थायीकरण
हाल ही में जारी ढाई दिन के वेतन कटौती के आदेश को वापस लेना
समान काम-समान वेतन की नीति को लागू करना
वेतन में वृद्धि