{"_id":"69bc63e52ba0cda3560d794b","slug":"gaddi-sippy-hostel-protest-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-133807-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: गद्दी-सिप्पी हॉस्टल में बदइंतजामी के खिलाफ जड़ा ताला, छात्रों ने कहा- खुद बनाना पड़ रहा खाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: गद्दी-सिप्पी हॉस्टल में बदइंतजामी के खिलाफ जड़ा ताला, छात्रों ने कहा- खुद बनाना पड़ रहा खाना
विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। जिला मुख्यालय स्थित गद्दी-सिप्पी हॉस्टल के विद्यार्थियों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में न तो समय पर भोजन मिल रहा है और न ही स्वच्छता का ख्याल रखा जा रहा है। उनका शैक्षणिक भविष्य और स्वास्थ्य दांव पर लगे हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रवेश कुमार व अन्य साथियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्टल में डाइट चार्ट और मेन्यू केवल कागजों तक सीमित रह गया है। उन्हें निर्धारित समय पर भोजन नहीं परोसा जाता।
हैरानी की बात यह है कि कई बार रसोइया खाना बनाने से साफ मना कर देता है जिस कारण पढ़ाई छोड़कर छात्रों को खुद रसोई संभालनी पड़ती है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल परिसर में फैली गंदगी को लेकर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर और शौचालयों की बदतर स्थिति ने हॉस्टल को बीमारियों का घर बना दिया है। साफ-सफाई न होने के कारण संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि बुनियादी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
मरम्मत कार्य के कारण आई दिक्कत, रिक्त पदों को भरने के लिए लिखा
हंगामे की सूचना मिलते ही हॉस्टल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारी छात्रों से वार्ता की। हॉस्टल वार्डन रमेश कुमार ने छात्रों को समझाकर शांत करवाया और स्थिति को सामान्य बनाया। वार्डन ने कहा कि वर्तमान में हॉस्टल में मरम्मत और रखरखाव का कार्य चल रहा है जिस कारण सफाई व्यवस्था में कुछ अस्थायी व्यवधान आया है। यह कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सफाई की समस्या स्थायी रूप से हल हो जाएगी। जहां तक भोजन का सवाल है, कुक को आपातकालीन छुट्टी पर जाना पड़ा था, जिससे कुछ दिक्कतें आईं। रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पहले ही लिखा जा चुका है।
Trending Videos
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रवेश कुमार व अन्य साथियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्टल में डाइट चार्ट और मेन्यू केवल कागजों तक सीमित रह गया है। उन्हें निर्धारित समय पर भोजन नहीं परोसा जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
हैरानी की बात यह है कि कई बार रसोइया खाना बनाने से साफ मना कर देता है जिस कारण पढ़ाई छोड़कर छात्रों को खुद रसोई संभालनी पड़ती है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल परिसर में फैली गंदगी को लेकर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर और शौचालयों की बदतर स्थिति ने हॉस्टल को बीमारियों का घर बना दिया है। साफ-सफाई न होने के कारण संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि बुनियादी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
मरम्मत कार्य के कारण आई दिक्कत, रिक्त पदों को भरने के लिए लिखा
हंगामे की सूचना मिलते ही हॉस्टल प्रबंधन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारी छात्रों से वार्ता की। हॉस्टल वार्डन रमेश कुमार ने छात्रों को समझाकर शांत करवाया और स्थिति को सामान्य बनाया। वार्डन ने कहा कि वर्तमान में हॉस्टल में मरम्मत और रखरखाव का कार्य चल रहा है जिस कारण सफाई व्यवस्था में कुछ अस्थायी व्यवधान आया है। यह कार्य 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद सफाई की समस्या स्थायी रूप से हल हो जाएगी। जहां तक भोजन का सवाल है, कुक को आपातकालीन छुट्टी पर जाना पड़ा था, जिससे कुछ दिक्कतें आईं। रिक्त पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पहले ही लिखा जा चुका है।