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Udhampur News: छात्राओं ने जाना, लाखों वर्षों में मानव का विकास और बदलाव कैसा हुआ
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उधमपुर। राजकीय महिला कॉलेज उधमपुर में ''''मानव विकास का इतिहास'''' विषय पर कहानी-कथन और दृश्य प्रस्तुति सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन इतिहास विभाग, हेरिटेज क्लब और विकसित भारत समिति ने कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी पठानिया के मार्गदर्शन में किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानव विकास के जटिल इतिहास की कहानी-कथन, दृश्य प्रस्तुति और ऐतिहासिक व्याख्या के माध्यम से अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावशाली तरीके से जानकारी देना था।। सत्र के दौरान कहानी-कथन और चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि लाखों वर्षों में मानव का विकास किस प्रकार हुआ और उनमें किस तरह के बदलाव आए।
सत्र में प्रारंभिक मानव, उनका बदलते वातावरण के अनुसार ढलना, दो पैरों पर चलना, मस्तिष्क का विकास, औजारों का इस्तेमाल, आग की खोज और उपयोग, भोजन जुटाने के तरीके तथा सामाजिक जीवन के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि मानव का विकास केवल शरीर में बदलाव तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके साथ भाषा, संस्कृति, सहयोग और तकनीक का भी विकास हुआ।
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कार्यक्रम में पुरातत्व के महत्व पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवाश्म, पत्थर के औजार, गुफाएं और अन्य पुरातात्त्विक अवशेष प्रारंभिक मानव के जीवन को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों और 25 शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में काफी रुचि दिखाई और प्रस्तुति एवं चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी पठानिया ने आयोजन के लिए इतिहास विभाग, हेरिटेज क्लब और विकसित भारत समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों को इतिहास को केवल किताबों के माध्यम से नहीं, बल्कि रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के बारे में अधिक जानने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समन्वय हेरिटेज क्लब के संयोजक प्रो. यश पाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मानव विकास, पुरातत्व और इतिहास के बारे में नई जानकारी प्राप्त की।
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कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानव विकास के जटिल इतिहास की कहानी-कथन, दृश्य प्रस्तुति और ऐतिहासिक व्याख्या के माध्यम से अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावशाली तरीके से जानकारी देना था।। सत्र के दौरान कहानी-कथन और चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि लाखों वर्षों में मानव का विकास किस प्रकार हुआ और उनमें किस तरह के बदलाव आए।
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सत्र में प्रारंभिक मानव, उनका बदलते वातावरण के अनुसार ढलना, दो पैरों पर चलना, मस्तिष्क का विकास, औजारों का इस्तेमाल, आग की खोज और उपयोग, भोजन जुटाने के तरीके तथा सामाजिक जीवन के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि मानव का विकास केवल शरीर में बदलाव तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके साथ भाषा, संस्कृति, सहयोग और तकनीक का भी विकास हुआ।
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कार्यक्रम में पुरातत्व के महत्व पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवाश्म, पत्थर के औजार, गुफाएं और अन्य पुरातात्त्विक अवशेष प्रारंभिक मानव के जीवन को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों और 25 शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में काफी रुचि दिखाई और प्रस्तुति एवं चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी पठानिया ने आयोजन के लिए इतिहास विभाग, हेरिटेज क्लब और विकसित भारत समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से विद्यार्थियों को इतिहास को केवल किताबों के माध्यम से नहीं, बल्कि रोचक और व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के बारे में अधिक जानने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समन्वय हेरिटेज क्लब के संयोजक प्रो. यश पाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मानव विकास, पुरातत्व और इतिहास के बारे में नई जानकारी प्राप्त की।