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Udhampur News: बारिश से हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित, 10 हजार श्रद्धालुओं ने लगाई दरबार में हाजिरी
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- धर्मनगरी और मां वैष्णो देवी धाम में बदला मौसम, ठंडी हवाएं चलने से गिरा पारा
कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में मंगलवार की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और एकाएक बादल छा गए। भवन क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हुई जिससे ठंडी हवाएं चलीं और तापमान में गिरावट महसूस की गई। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा दोपहर के बाद प्रभावित रही। बारिश और बादल के कारण उड़ानों को एहतियातन रोकना पड़ा जिससे हेली सेवा से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई।
ठंडी हवाओं के बीच रुक-रुक कर हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं को रोक न पाई। भक्त माता के जयकारे लगाते हुए उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे। शाम पांच बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने आरएफआईडी कार्ड बनवाकर भवन की ओर प्रस्थान किया।
प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। सुरक्षा कर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की। मौसम की अनिश्चितता के बावजूद दरबार में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। फरवरी में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण प्राचीन गुफा के कपाट दिन और रात में कुछ समय के लिए खोले जा रहे हैं। हालांकि यात्रा में थोड़ी वृद्धि पर प्राचीन गुफा के कपाट बंद किए जा रहे हैं।
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कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में मंगलवार की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और एकाएक बादल छा गए। भवन क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हुई जिससे ठंडी हवाएं चलीं और तापमान में गिरावट महसूस की गई। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा दोपहर के बाद प्रभावित रही। बारिश और बादल के कारण उड़ानों को एहतियातन रोकना पड़ा जिससे हेली सेवा से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई।
ठंडी हवाओं के बीच रुक-रुक कर हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं को रोक न पाई। भक्त माता के जयकारे लगाते हुए उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे। शाम पांच बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने आरएफआईडी कार्ड बनवाकर भवन की ओर प्रस्थान किया।
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प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। सुरक्षा कर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की। मौसम की अनिश्चितता के बावजूद दरबार में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। फरवरी में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण प्राचीन गुफा के कपाट दिन और रात में कुछ समय के लिए खोले जा रहे हैं। हालांकि यात्रा में थोड़ी वृद्धि पर प्राचीन गुफा के कपाट बंद किए जा रहे हैं।
