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Udhampur News: भक्ति के रंग में रंगा जिला, जगह-जगह चल रहे कीर्तन और भजन
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उधमपुर। नवरात्र के चलते भक्ति के रंग में रंग गया है। शहर और ग्रामीण इलाकों के मंदिरों की सजावट, दीपों की रोशनी और भजनों की गूंज से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं, जहां श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं।
विशेषकर पिंगला माता, चौंतरा माता, मराह्ड़ा माता, शारदा माता और मोह माया मंदिर, टी-मोड़ काली माता मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थानों पर भक्तों की भीड़ है। जगह-जगह भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह पर्व न केवल आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि भारतीय समाज के लिए महापर्व बन गया है, जिसमें हर जाति, धर्म और समाज के लोग शामिल होते हैं।
प्रशासन और मंदिर समितियों ने किए पुख्ता प्रबंध
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मंदिर समितियों की तरफ से विशेष प्रबंध किए गए हैं। आसपास सफाई और सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि हर श्रद्धालु को सुविधाजनक तरीके से दर्शन हो सकें। सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
मनोकामना की पूर्ति की उमंग और कामना लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
द्धालुओं का कहना है कि माता रानी के दर्शन मात्र से ही उन्हें शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और जीवन में खुशहाली की कामना के साथ शीश नवाते हैं। कई श्रद्धालु वर्षों पुरानी मनोकामनाओं के पूर्ण होने की आस्था लेकर पहुंच रहे हैं। टी मोड़ काली माता मंदिर में पहुंचे
रोहित शर्मा का कहना है कि नवरात्र का पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि यह हमारे भीतर की आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करने का माध्यम है। पूजा देवी का कहना था - नवरात्र के दौरान मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और उनकी मनोकामनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह पर्व न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर है।
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प्रशासन और मंदिर समितियों ने किए पुख्ता प्रबंध
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मंदिर समितियों की तरफ से विशेष प्रबंध किए गए हैं। आसपास सफाई और सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि हर श्रद्धालु को सुविधाजनक तरीके से दर्शन हो सकें। सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
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द्धालुओं का कहना है कि माता रानी के दर्शन मात्र से ही उन्हें शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और जीवन में खुशहाली की कामना के साथ शीश नवाते हैं। कई श्रद्धालु वर्षों पुरानी मनोकामनाओं के पूर्ण होने की आस्था लेकर पहुंच रहे हैं। टी मोड़ काली माता मंदिर में पहुंचे
रोहित शर्मा का कहना है कि नवरात्र का पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि यह हमारे भीतर की आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करने का माध्यम है। पूजा देवी का कहना था - नवरात्र के दौरान मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और उनकी मनोकामनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह पर्व न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर है।