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Udhampur News: अप्रैल में दिसंबर सा अहसास... बारिश और भूस्खलन से थमी जिंदगी और एनएच-44 पर रफ्तार
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उधमपुर/रियासी/चिनैनी। मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार सुबह से देर रात तक जारी रही मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने अप्रैल के महीने में भी लोगों को दिसंबर की ठिठुरन का अहसास करा दिया। सबसे बड़ा असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (44) पर पड़ा है जहां भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मशीनरी मलबे को हटाने के काम में जुटी है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता और गिरते पत्थरों के जोखिम ने बहाली के काम को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। डिगडोल, खूनी नाला, करोल ब्रिज और चंद्रकोट के बीच भारी भूस्खलन के चलते सड़क पर मलबे का ढेर लग गया है। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से दोनों ओर से यातायात को रोक दिया है। यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक ट्रैफिक कंट्रोल यूनिटसे पुष्टि करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
वहीं रियासी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में सुबह से ही आसमान काली घटाओं से घिरा रहा। करीब 11 बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला शाम तक जारी रहा। चिनैनी और उधमपुर के ऊपरी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को फिर गर्म कपड़े निकालने और अलाव का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
बारिश का असर स्थानीय व्यापार और आवाजाही पर भी दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बों में आए लोग बारिश शुरू होते ही घरों की ओर लौटने लगे जिससे दोपहर बाद ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। दुकानदारों ने भी कड़ाके की ठंड और ग्राहकों की कमी के चलते शाम को जल्दी दुकानें बंद कर दीं। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को भी खराब मौसम ने बुरी तरह प्रभावित किया।
आगामी दिनों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार उधमपुर में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। विशेषज्ञों ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आ सकती है।
सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पहाड़ियों से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है। यात्री सड़क की स्थिति स्पष्ट होने तक यात्रा शुरू न करें।
- राजा आदिल हमीद, एसएसपी (ट्रैफिक)
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मशीनरी मलबे को हटाने के काम में जुटी है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता और गिरते पत्थरों के जोखिम ने बहाली के काम को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। डिगडोल, खूनी नाला, करोल ब्रिज और चंद्रकोट के बीच भारी भूस्खलन के चलते सड़क पर मलबे का ढेर लग गया है। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से दोनों ओर से यातायात को रोक दिया है। यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक ट्रैफिक कंट्रोल यूनिटसे पुष्टि करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।
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वहीं रियासी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में सुबह से ही आसमान काली घटाओं से घिरा रहा। करीब 11 बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला शाम तक जारी रहा। चिनैनी और उधमपुर के ऊपरी क्षेत्रों में दोपहर बाद हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को फिर गर्म कपड़े निकालने और अलाव का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
बारिश का असर स्थानीय व्यापार और आवाजाही पर भी दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों से कस्बों में आए लोग बारिश शुरू होते ही घरों की ओर लौटने लगे जिससे दोपहर बाद ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। दुकानदारों ने भी कड़ाके की ठंड और ग्राहकों की कमी के चलते शाम को जल्दी दुकानें बंद कर दीं। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को भी खराब मौसम ने बुरी तरह प्रभावित किया।
आगामी दिनों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार उधमपुर में अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। विशेषज्ञों ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आ सकती है।
सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पहाड़ियों से लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है। यात्री सड़क की स्थिति स्पष्ट होने तक यात्रा शुरू न करें।
- राजा आदिल हमीद, एसएसपी (ट्रैफिक)