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Udhampur News: आश्वासन के बाद छह दिन से जारी हड़ताल स्थगित, संघर्ष समिति ने बदला अध्यक्ष
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पौन। शिवखोड़ी यात्रा की समयसीमा पर प्रतिबंध के खिलाफ रनसु में पिछले छह दिन से चल रहा प्रदर्शन मंगलवार दोपहर को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। प्रशासन द्वारा दो दिनों के भीतर समाधान निकालने और विधायक द्वारा उपराज्यपाल से मुलाकात करवाने के भरोसे के बाद आंदोलनकारियों ने फैसला लिया है। आंदोलन के दौरान आंतरिक मतभेद भी उभरकर सामने आए जिस कारण संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है।
आंदोलन के बीच मंगलवार को शिवखोड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगवान दास और उपाध्यक्ष भरत सिंह के धरने में शामिल न होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति ने नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की। व्यापार मंडल की अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
दूसरी ओर, निवर्तमान अध्यक्ष भगवान सिंह ने कहा कि वह किसी अनिवार्य कार्य के कारण धरनास्थल पर नहीं पहुंच सके थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पद से हटाए जाने का कोई मलाल नहीं है और वे स्थानीय हितों की लड़ाई में समिति के साथ खड़े हैं।
नेताओं की अनुपस्थिति से भड़का था रोष
सोमवार को सांसद जुगल किशोर शर्मा और विधायक कुलदीप राज दुबे के धरनास्थल पर न पहुंचने से प्रदर्शनकारियों में रोष बढ़ गया था। हालांकि नेताओं ने समिति के साथ बैठक की थी लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण हड़ताल जारी रही। मंगलवार को बाजार में मिला-जुला असर दिखा जहां कुछ दुकानें खुली रहीं, वहीं घोड़ा, पिट्टू-पालकी और ऑटो चालकों ने पूर्ण रूप से काम बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।
समस्याओं का हल होने की उम्मीद
तहसीलदार साहिल रंधावा के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद स्थिति में सुधार आया। कांग्रेस प्रदेश सचिव करनदीप सिंह, भाजपा नेता सुनील शर्मा और नई अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए दो दिनों का समय मांगा है। विधायक कुलदीप राज दुबे ने भरोसा दिलाया है कि वे संवेदनशील मुद्दे पर उपराज्यपाल से मुलाकात करवाएंगे। उम्मीद है कि स्थानीय लोगों और व्यापारियों की समस्याओं का उचित हल जल्द निकलेगा।
यह है मामला
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि श्राइन बोर्ड द्वारा यात्रा की समयसीमा में कटौती और अन्य प्रतिबंध से न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है बल्कि स्थानीय व्यापार पर विपरीत असर पड़ रहा है। युवा राजपूत सभा और बजरंग दल ने भी चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में ठोस परिणाम नहीं निकले तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
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आंदोलन के बीच मंगलवार को शिवखोड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगवान दास और उपाध्यक्ष भरत सिंह के धरने में शामिल न होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति ने नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की। व्यापार मंडल की अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
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दूसरी ओर, निवर्तमान अध्यक्ष भगवान सिंह ने कहा कि वह किसी अनिवार्य कार्य के कारण धरनास्थल पर नहीं पहुंच सके थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पद से हटाए जाने का कोई मलाल नहीं है और वे स्थानीय हितों की लड़ाई में समिति के साथ खड़े हैं।
नेताओं की अनुपस्थिति से भड़का था रोष
सोमवार को सांसद जुगल किशोर शर्मा और विधायक कुलदीप राज दुबे के धरनास्थल पर न पहुंचने से प्रदर्शनकारियों में रोष बढ़ गया था। हालांकि नेताओं ने समिति के साथ बैठक की थी लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण हड़ताल जारी रही। मंगलवार को बाजार में मिला-जुला असर दिखा जहां कुछ दुकानें खुली रहीं, वहीं घोड़ा, पिट्टू-पालकी और ऑटो चालकों ने पूर्ण रूप से काम बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।
समस्याओं का हल होने की उम्मीद
तहसीलदार साहिल रंधावा के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद स्थिति में सुधार आया। कांग्रेस प्रदेश सचिव करनदीप सिंह, भाजपा नेता सुनील शर्मा और नई अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए दो दिनों का समय मांगा है। विधायक कुलदीप राज दुबे ने भरोसा दिलाया है कि वे संवेदनशील मुद्दे पर उपराज्यपाल से मुलाकात करवाएंगे। उम्मीद है कि स्थानीय लोगों और व्यापारियों की समस्याओं का उचित हल जल्द निकलेगा।
यह है मामला
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि श्राइन बोर्ड द्वारा यात्रा की समयसीमा में कटौती और अन्य प्रतिबंध से न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है बल्कि स्थानीय व्यापार पर विपरीत असर पड़ रहा है। युवा राजपूत सभा और बजरंग दल ने भी चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में ठोस परिणाम नहीं निकले तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।