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Udhampur News: 42 सीटर बस में 85 सवार...पैसा कमाने की लालसा ने लील लीं जिंदगियां
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कघोट इलाके में बस हादसे के बाद राहत कार्य में जुटे लोग।
- फोटो : udhampur news
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उधमपुर। जिले के रामनगर-उधमपुर मार्ग पर सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रशासन और यातायात व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बस की क्षमता मात्र 42 सीटों की थी उसमें 85 से अधिक लोगों को ठूस-ठूस कर भरा था। चालक की अधिक पैसा कमाने की लालसा और क्षमता से दोगुना ओवरलोडिंग ने 21 जिंदगियों को मौत के आगोश में सुला दिया।
हादसे का सबसे डराने वाला पहलू बस में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जाना रहा।जानकारी के अनुसार बस सुबह करीब नौ बजे बस अड्डे रामनगर से उधमपुर के लिए रवाना हुई थी। इससे पहले ये बस कटवालत गांव से सुबह सात बजे निकली थी और रामनगर बस अड्डे में साढ़े आठ बजे पहुंची थी। ऐसे में रामनगर में इसमें और भी सवारियां बैठाई गईं।
घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं और कई यात्री खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। यात्रियों ने बताया कि चालक तेज गति से बस चला रहा था। चालक पहाड़ी घुमावों पर तेज रफ्तार से चला रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रूट पर बसों की कमी का फायदा उठाकर चालक अधिक सवारियां बिठाते हैं। ये कोई सोमवार का ही मामला नहीं है, प्रत्येक दिन सुबह के समय चलने वाली बसों में ऐसे हालात देखने को मिलते हैं। बड़ा सवाल यह है कि रामनगर से लेकर उधमपुर के बीच पड़ने वाले नाकों पर इस बस को क्यों नहीं रोका गया।
बस हादसे में बाल-बाल बचा यात्री ऑटो
इस हादसे में कघोट क्षेत्र से आ रहा एक यात्री ऑटो भी बस की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। बताया जा रहा है कि ऑटो कघोट पुल पार कर चढ़ाई चढ़ रहा था, तभी ऊपर से बस नीचे गिरी। चालक की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया, हालांकि ऑटो का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
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हादसे का सबसे डराने वाला पहलू बस में क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जाना रहा।जानकारी के अनुसार बस सुबह करीब नौ बजे बस अड्डे रामनगर से उधमपुर के लिए रवाना हुई थी। इससे पहले ये बस कटवालत गांव से सुबह सात बजे निकली थी और रामनगर बस अड्डे में साढ़े आठ बजे पहुंची थी। ऐसे में रामनगर में इसमें और भी सवारियां बैठाई गईं।
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घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं और कई यात्री खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। यात्रियों ने बताया कि चालक तेज गति से बस चला रहा था। चालक पहाड़ी घुमावों पर तेज रफ्तार से चला रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रूट पर बसों की कमी का फायदा उठाकर चालक अधिक सवारियां बिठाते हैं। ये कोई सोमवार का ही मामला नहीं है, प्रत्येक दिन सुबह के समय चलने वाली बसों में ऐसे हालात देखने को मिलते हैं। बड़ा सवाल यह है कि रामनगर से लेकर उधमपुर के बीच पड़ने वाले नाकों पर इस बस को क्यों नहीं रोका गया।
बस हादसे में बाल-बाल बचा यात्री ऑटो
इस हादसे में कघोट क्षेत्र से आ रहा एक यात्री ऑटो भी बस की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। बताया जा रहा है कि ऑटो कघोट पुल पार कर चढ़ाई चढ़ रहा था, तभी ऊपर से बस नीचे गिरी। चालक की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया, हालांकि ऑटो का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।

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