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Udhampur News: शिवखोड़ी यात्रा पर समयसीमा का असर, दुकानदारों और रोजगार पर संकट
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पौनी। रनसु स्थित शिवखोड़ी धाम में पिछले एक वर्ष से लागू समय सीमा का असर अब साफ तौर पर यात्रा और स्थानीय कारोबार पर देखने को मिल रहा है। इस पाबंदी ने न केवल श्रद्धालुओं की संख्या को प्रभावित किया है, बल्कि घोड़ा, पिट्ठू, पालकी संचालकों के साथ-साथ दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों की आजीविका पर भी गहरा असर डाला है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह समय सीमा कुछ और महीनों तक जारी रही तो आने वाले समय में यात्रा और घट सकती है, जिससे हजारों लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि किसी तरह वे इस काम के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
स्थानीय दुकानदार अजीत शर्मा ने बताया कि एक वर्ष पहले कंडा क्षेत्र में यात्री बस पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने यह समय सीमा लागू की थी। इसके बाद से यात्रा में लगातार गिरावट आई है, जिससे उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं व्यापार मंडल की अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा ने कहा कि वह पहले एक आम नागरिक हैं और उस घटना से सभी को दुख है, लेकिन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी एक घटना के बाद यात्रा पर पाबंदी लगाने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
स्थानीय दुकानदार पवन शर्मा ने बताया कि पहले जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती थी, वहीं अब पिछले एक साल से काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से श्रद्धालु माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन के बाद शिवखोड़ी की ओर रुख करते हैं लेकिन समय सीमा के कारण दोपहर के बाद वे रनसु नहीं पहुंच पाते। यदि पहुंच भी जाएं तो शाम पांच बजे के बाद उन्हें वापस कटड़ा जाने की अनुमति नहीं उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में रनसु क्षेत्र में काम करने वाले अधिकांश लोग बेरोजगारी का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए समय सीमा में ढील दी जाए ताकि यात्रा सुचारू रूप से जारी रह सके और लोगों का रोजगार बचा रहे।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह समय सीमा कुछ और महीनों तक जारी रही तो आने वाले समय में यात्रा और घट सकती है, जिससे हजारों लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि किसी तरह वे इस काम के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
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स्थानीय दुकानदार अजीत शर्मा ने बताया कि एक वर्ष पहले कंडा क्षेत्र में यात्री बस पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने यह समय सीमा लागू की थी। इसके बाद से यात्रा में लगातार गिरावट आई है, जिससे उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं व्यापार मंडल की अध्यक्ष श्रेष्ठा शर्मा ने कहा कि वह पहले एक आम नागरिक हैं और उस घटना से सभी को दुख है, लेकिन देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी एक घटना के बाद यात्रा पर पाबंदी लगाने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
स्थानीय दुकानदार पवन शर्मा ने बताया कि पहले जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती थी, वहीं अब पिछले एक साल से काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से श्रद्धालु माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन के बाद शिवखोड़ी की ओर रुख करते हैं लेकिन समय सीमा के कारण दोपहर के बाद वे रनसु नहीं पहुंच पाते। यदि पहुंच भी जाएं तो शाम पांच बजे के बाद उन्हें वापस कटड़ा जाने की अनुमति नहीं उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में रनसु क्षेत्र में काम करने वाले अधिकांश लोग बेरोजगारी का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए समय सीमा में ढील दी जाए ताकि यात्रा सुचारू रूप से जारी रह सके और लोगों का रोजगार बचा रहे।