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Udhampur News: सियोजधार और माहौर की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात, पटनीटॉप के होटलों में कैद रहे सैलानी
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चिनैनी/रियासी
जम्मू संभाग के पहाड़ी जिलों में पिछले दो दिन से कुदरत के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां मूसलाधार बारिश और ऊंची चोटियों पर हुई ताजा बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड की वापसी करा दी है, वहीं दूसरी ओर चैत्र नवरात्र की शुरुआत और ईद-उल-फितर की तैयारियों ने फिजाओं में आस्था व उल्लास की गर्माहट घोल दी है।
चिनैनी और आसपास के पर्यटन स्थलों पर मौसम का मिजाज काफी बदला है। वीरवार सुबह से ही जारी भारी बारिश से बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सियोजधार की ऊंची पहाड़ियों पर ताजा हिमपात हुआ जबकि नत्थाटॉप में बारिश और बर्फबारी ने तापमान को शून्य के करीब पहुंचा दिया।
प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप पहुंचे सैलानी बर्फीली हवाओं के चलते कमरों के अंदर ही दुबके रहे और खिड़कियों से देवदार के पेड़ों पर गिरती बूंदों का आनंद लिया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने एक बार फिर अलमारी से गर्म कपड़े निकाल लिए और ग्रामीण इलाकों में लोग आग (कांगड़ी व अंगीठी) का सहारा ले रहे हैं। दुकानदारों ने भी शाम होते ही दुकानें बंद कर दीं।
रियासी जिले में दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा और रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। जिला मुख्यालय के साथ-साथ माहौर तहसील के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे गर्मियों की तैयारी कर रहे थे लेकिन बारिश ने फिर से जैकेट और स्वेटर पहनने पर मजबूर कर दिया है। खेती-किसानी के लिहाज से भी बारिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अधिक ओलावृष्टि की आशंका ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है।
मलाई नाला में गिरी पस्सी, माहौर मार्ग कई घंटे बंद
रियासी जिले के कई सड़क मार्गों पर मौसम का प्रतिकूल असर दिखा। जिला मुख्यालय से माहौर जाने वाला मार्ग कई घंटे बंद रहा। दोपहर में मलाई नाले से आई पस्सी के कारण आवाजाही प्रभावित रही। गनीमत रही कि पस्सी व पत्थर गिरते समय सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इस मार्ग पर ग्रेफ की ओर से निर्माण कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर पहाड़ी को काटा जा रहा है। मलाई नाला क्षेत्र में भी पहाड़ी का कटाव किया गया है। बारिश के कारण पहाड़ी का काफी हिस्सा भरभरा कर गिर गया। मलबे को मशीन के जरिये हटाया गया। खराब मौसम के कारण एसडीएम माहौर ने शाम छह से सुबह छह बजे तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रखने के आदेश दिए। इसके अलावा भमाग के ब्लड्डा की तरफ जाने वाला मार्ग भी भूस्खलन के कारण कई घंटे बंद रहा। ग्रामीणों ने पत्थरों को हटाकर आवाजाही सुचारु की।
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चिनैनी और आसपास के पर्यटन स्थलों पर मौसम का मिजाज काफी बदला है। वीरवार सुबह से ही जारी भारी बारिश से बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सियोजधार की ऊंची पहाड़ियों पर ताजा हिमपात हुआ जबकि नत्थाटॉप में बारिश और बर्फबारी ने तापमान को शून्य के करीब पहुंचा दिया।
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प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप पहुंचे सैलानी बर्फीली हवाओं के चलते कमरों के अंदर ही दुबके रहे और खिड़कियों से देवदार के पेड़ों पर गिरती बूंदों का आनंद लिया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने एक बार फिर अलमारी से गर्म कपड़े निकाल लिए और ग्रामीण इलाकों में लोग आग (कांगड़ी व अंगीठी) का सहारा ले रहे हैं। दुकानदारों ने भी शाम होते ही दुकानें बंद कर दीं।
रियासी जिले में दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा और रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। जिला मुख्यालय के साथ-साथ माहौर तहसील के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हुई जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे गर्मियों की तैयारी कर रहे थे लेकिन बारिश ने फिर से जैकेट और स्वेटर पहनने पर मजबूर कर दिया है। खेती-किसानी के लिहाज से भी बारिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अधिक ओलावृष्टि की आशंका ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है।
मलाई नाला में गिरी पस्सी, माहौर मार्ग कई घंटे बंद
रियासी जिले के कई सड़क मार्गों पर मौसम का प्रतिकूल असर दिखा। जिला मुख्यालय से माहौर जाने वाला मार्ग कई घंटे बंद रहा। दोपहर में मलाई नाले से आई पस्सी के कारण आवाजाही प्रभावित रही। गनीमत रही कि पस्सी व पत्थर गिरते समय सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इस मार्ग पर ग्रेफ की ओर से निर्माण कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर पहाड़ी को काटा जा रहा है। मलाई नाला क्षेत्र में भी पहाड़ी का कटाव किया गया है। बारिश के कारण पहाड़ी का काफी हिस्सा भरभरा कर गिर गया। मलबे को मशीन के जरिये हटाया गया। खराब मौसम के कारण एसडीएम माहौर ने शाम छह से सुबह छह बजे तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रखने के आदेश दिए। इसके अलावा भमाग के ब्लड्डा की तरफ जाने वाला मार्ग भी भूस्खलन के कारण कई घंटे बंद रहा। ग्रामीणों ने पत्थरों को हटाकर आवाजाही सुचारु की।