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Udhampur News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में साढ़े 11 के बाद ओपीडी बंद, एमरजेंसी में भीड़ से कई मरीज लौटे
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उधमपुर। विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अढ़ाई दिन के वेतन कटौती के आदेश के विरोध में उधमपुर, रियासी और रामनगर के स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को चालू रखा गया लेकिन वहां मरीजों की भीड़ के कारण प्रबंधन में काफी मुश्किलें आईं।
बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज उधमपुर में पैरामेडिकल स्टाफ ने प्रदर्शन किया। ओपीडी सुबह 11:30 बजे तक जारी रही। इसके बाद पंजीकरण बंद होने से सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
अस्पताल पहुंचे मरीजों व तीमारदारों ने इस स्थिति पर दुख व्यक्त किया है। दंदयाल से आई शारदा देवी और बिट्टो देवी ने बताया कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। पंजीकरण न होने के कारण वे बच्चों और खुद की जांच नहीं करवा सकी। उन्हें मजबूरन अतिरिक्त खर्च कर निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। तनाल से आई सुषमा देवी ने कहा कि इमरजेंसी में अत्यधिक भीड़ होने के कारण सिर्फ अति गंभीर मरीजों की ही जांच संभव हो पा रही है। रेखा देवी ने सुझाव दिया कि दूरदराज के मरीजों की सुविधा के लिए हड़ताल की सूचना पहले से सार्वजनिक की जानी चाहिए थी।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार ने बताया कि 20 जनवरी 2026 को सरकार ने आदेश जारी कर अढ़ाई दिन के भुगतान को बंद कर दिया है। यह व्यवस्था 1991 से रोस्टर ड्यूटी के अनुसार दी जा रही थी। डॉ. कुमार ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 12 मार्च को हुई हड़ताल के बाद प्रशासन ने सात दिन के भीतर ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया था लेकिन समयसीमा बीतने के बावजूद कोई हल नहीं निकला। इस कारण दोबारा दो दिन की हड़ताल पर जाना पड़ा।
रियासी : 30 मार्च को जम्मू में हो सकता है बड़ा फैसला
रियासी अस्पताल में भी दूसरे दिन हड़ताल का असर दिखा। कर्मचारी अस्पताल परिसर में धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारी नरेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन और उग्र होगा। 30 मार्च को जम्मू में उच्चस्तरीय बैठक होने वाली है जिसमें लगातार तीन दिन तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रखने का फैसला लिया जा सकता है।
रामनगर : एम्प्लाइज फेडरेशन ने फूंका विरोध का बिगुल
ब्लॉक रामनगर में भी जम्मू-कश्मीर मेडिकल एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मियों ने काम छोड़ हड़ताल की। ब्लॉक अध्यक्ष खेम राज (फार्मासिस्ट) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य कर्मचारी दिन-रात जनता की सेवा करते हैं, ऐसे में वेतन कटौती का फैसला अनुचित है और इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। यहां भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहने से मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज उधमपुर में पैरामेडिकल स्टाफ ने प्रदर्शन किया। ओपीडी सुबह 11:30 बजे तक जारी रही। इसके बाद पंजीकरण बंद होने से सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
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अस्पताल पहुंचे मरीजों व तीमारदारों ने इस स्थिति पर दुख व्यक्त किया है। दंदयाल से आई शारदा देवी और बिट्टो देवी ने बताया कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। पंजीकरण न होने के कारण वे बच्चों और खुद की जांच नहीं करवा सकी। उन्हें मजबूरन अतिरिक्त खर्च कर निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। तनाल से आई सुषमा देवी ने कहा कि इमरजेंसी में अत्यधिक भीड़ होने के कारण सिर्फ अति गंभीर मरीजों की ही जांच संभव हो पा रही है। रेखा देवी ने सुझाव दिया कि दूरदराज के मरीजों की सुविधा के लिए हड़ताल की सूचना पहले से सार्वजनिक की जानी चाहिए थी।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार ने बताया कि 20 जनवरी 2026 को सरकार ने आदेश जारी कर अढ़ाई दिन के भुगतान को बंद कर दिया है। यह व्यवस्था 1991 से रोस्टर ड्यूटी के अनुसार दी जा रही थी। डॉ. कुमार ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 12 मार्च को हुई हड़ताल के बाद प्रशासन ने सात दिन के भीतर ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया था लेकिन समयसीमा बीतने के बावजूद कोई हल नहीं निकला। इस कारण दोबारा दो दिन की हड़ताल पर जाना पड़ा।
रियासी : 30 मार्च को जम्मू में हो सकता है बड़ा फैसला
रियासी अस्पताल में भी दूसरे दिन हड़ताल का असर दिखा। कर्मचारी अस्पताल परिसर में धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारी नरेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन और उग्र होगा। 30 मार्च को जम्मू में उच्चस्तरीय बैठक होने वाली है जिसमें लगातार तीन दिन तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रखने का फैसला लिया जा सकता है।
रामनगर : एम्प्लाइज फेडरेशन ने फूंका विरोध का बिगुल
ब्लॉक रामनगर में भी जम्मू-कश्मीर मेडिकल एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मियों ने काम छोड़ हड़ताल की। ब्लॉक अध्यक्ष खेम राज (फार्मासिस्ट) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि स्वास्थ्य कर्मचारी दिन-रात जनता की सेवा करते हैं, ऐसे में वेतन कटौती का फैसला अनुचित है और इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। यहां भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहने से मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।