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Udhampur News: चांदी सी चमकीं त्रिकुटा पर्वत से लेकर नत्थाटॉप की चोटियां, मैदानों में झमाझम बारिश, ठिठुरन लौटी
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कटड़ा/चिनैनी/रियासी। जम्मू संभाग में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने एक बार फिर कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है। रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हुए ताजा हिमपात के कारण पूरे संभाग के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कटड़ा स्थित माता वैष्णो देवी के त्रिकुटा पर्वत, भैरव घाटी और चिनैनी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नत्थाटॉप व पटनीटॉप की चोटियां चांदी की तरह चमक गई हैं।
जुगधार, शिवगढ़ और सियोजधार की चोटियां भी ताजा बर्फ से लद गई हैं। रविवार रात वैष्णो देवी भवन और भैरव घाटी में करीब दो से तीन इंच जबकि त्रिकुटा पर्वत की ऊपरी चोटियों पर चार इंच तक ताजा हिमपात हुआ। इस कारण सोमवार सुबह कटड़ा से चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा भी आंशिक रूप से प्रभावित रही। बैटरी कार सेवा और रोपवे (केबल कार) सेवा उपलब्ध रही। भवन परिसर और भैरव घाटी में बर्फ जल्द ही पिघल गई लेकिन चोटियों पर ताजा बर्फबारी का दृश्य काफी देर तक बना रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और शाम 6 बजे तक करीब साढ़े 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने मोबाइल में यादगार पलों को कैद किया।
बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
मैदानी इलाकों जैसे पौनी और रियासी में हुई तेज बारिश के बाद जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। जो लोग हल्के कपड़ों की ओर बढ़ रहे थे,उन्हें फिर से जैकेट और स्वेटर में देखा गया। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार अचानक बढ़ी ठंड से बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग में एकाएक उछाल आया है। दुकानदार सुखविंदर और दीपक ने बताया कि मौसम बदलते ही ग्राहकों का रुख ऊनी कपड़ों की ओर मुड़ गया है।
फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश
सूखे की मार झेल रहे किसानों और पशुपालकों के लिए बारिश राहत बनकर बरसी है। पौनी के किसान देविंद्र शर्मा और विजय शर्मा का कहना है कि समय पर बारिश न होने से गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी थी और पशुओं के चारे की किल्लत हो रही थी। खेतों में कनक और सरसों की फसल के साथ सब्जियां भी लगाई गई हैं। बारिश से अब फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है जिससे कृषि क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
धूप खिलने से मिली आंशिक राहत
पटनीटॉप में ठंड के चलते दोपहर तक सैलानी कमरों में ही रहे। धूप खिलने के बाद सैलानियों ने नत्थाटॉप का रुख कर बर्फबारी का आनंद लिया। रियासी और चिनैनी समेत अन्य इलाकों में सूर्यदेव के दर्शन हुए। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली और पर्यटकों ने नत्थाटॉप का रुख कर ताजा बर्फबारी का आनंद लिया। हालांकि बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की रौनक कम रही। शाम होते ही बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन फिर से बढ़ गई है।
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बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
मैदानी इलाकों जैसे पौनी और रियासी में हुई तेज बारिश के बाद जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। जो लोग हल्के कपड़ों की ओर बढ़ रहे थे,उन्हें फिर से जैकेट और स्वेटर में देखा गया। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार अचानक बढ़ी ठंड से बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग में एकाएक उछाल आया है। दुकानदार सुखविंदर और दीपक ने बताया कि मौसम बदलते ही ग्राहकों का रुख ऊनी कपड़ों की ओर मुड़ गया है।
फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश
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धूप खिलने से मिली आंशिक राहत
पटनीटॉप में ठंड के चलते दोपहर तक सैलानी कमरों में ही रहे। धूप खिलने के बाद सैलानियों ने नत्थाटॉप का रुख कर बर्फबारी का आनंद लिया। रियासी और चिनैनी समेत अन्य इलाकों में सूर्यदेव के दर्शन हुए। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली और पर्यटकों ने नत्थाटॉप का रुख कर ताजा बर्फबारी का आनंद लिया। हालांकि बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की रौनक कम रही। शाम होते ही बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन फिर से बढ़ गई है।