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Katra: 60 साल का इंतजार खत्म, कटड़ा में शंकराचार्य मंदिर का निर्माण शुरू; उपराज्यपाल सिन्हा ने रखी आधारशिला
अमर उजाला नेटवर्क, कटड़ा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 19 Feb 2026 06:51 AM IST
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सार
60 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 31.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले श्री शंकराचार्य मंदिर की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आधारशिला रखी।
त्रिकुटा पर्वत पर निर्माणाधीन शंकराचार्य मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कटड़ा के धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास के इतिहास में बुधवार का दिन एक नए स्वर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। 60 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 31.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले श्री शंकराचार्य मंदिर की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आधारशिला रखी।
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सिन्हा ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बनाया जा रहा मंदिर न केवल भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक मजबूत स्तंभ भी सिद्ध होगा। इस मंदिर की परिकल्पना अवधारणा 1967 में बनाई गई थी। मंदिर की नींव रखने के बाद उपराज्यपाल इसे कटड़ा के आर्थिक विकास की एक मजबूत शुरुआत बताया। एलजी ने कहा कि यह पल हम सभी के लिए ऐतिहासिक और यादगार रहने वाला है।
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दशकों पहले देखे गए एक सपने को साकार करने का सौभाग्य हमें मिला है। यह मंदिर आने वाले समय में शंकराचार्य के लाखों भक्तों के लिए आध्यात्मिक सहारा बनेगा। साथ ही यहां की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। भवन पर दर्शन करने आने वाले यहां भी आएंगे और इससे आर्थिकी मजबूत होगी।
1967 में बनाई गई थी अवधारणा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक श्री शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की अवधारणा 1967 में बनाई गई थी। वर्ष 1986 में तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन ने मंदिर की आधारशिला रखी थी लेकिन कई कारणों से परियोजना ठंडे बस्ते में रही। वर्ष 2025 में मंदिर निर्माण की दिशा में कई कदम उठाए गए। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और संबंधित भूमि मालिकों के बीच समझौता किया गया। इसके बाद गांव हंसली के साथ लगती त्रिकुट पहाड़ी पर मंदिर निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया।
दान में मिली 41 कनाल भूमि पर सफेद संगमरमर से बनेगा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्री शंकराचार्य मंदिर का जो प्रस्ताव तैयार किया है उसके मुताबिक यह सफेद संगमरमर की दो मंजिला भवन होगा। इसमें नंदी जी के लिए गोल मंदिर बनेगा। स्टोर रूम, कक्ष, रसोई, शयन गृह, दोनों तरफ बरामदा और सुरक्षा कक्ष होंगे। इसमें पहुंच मार्ग, पानी के पॉइंट, संबंधित सार्वजनिक सुविधाएं (यानी 4 शौचालय ब्लॉक) और जमीन मालिकों के लिए 50 कामर्शियल दुकानें होंगी।
बिजनेस एक्टिविटी बढ़ेगी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
एलजी ने कहा कि श्राइन बोर्ड की बैठक में कुछ वक्त पहले भवन और आसपास के इलाके को भारत के सबसे बड़े जीवंत आध्यात्मिक केंद्र में बदलने के लिए कई अहम फैसलों को मंजूरी दी थी। आने वाले साल में कटड़ा एक खास ग्लोबल पहचान बनाएगा। यहां निवेश से बुनियादी सेवाएं बढ़ेंगी। बिजनेस एक्टिविटी का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।