स्कूल में जासूस!: सैनिक स्कूल के वैन चालक के मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबर, चाचा और अली भाई नाम से थे सेव
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि तौसीफ सैन्य कैंप के बी गेट से प्रवेश कर रहा था। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने नियमित जांच के लिए उसे रोका। इस दौरान जब उसके फोन की जांच की तो उसमें पाकिस्तान के तीन मोबाइल नंबर सेव मिले। अधिकारियों के अनुसार फोन में पाकिस्तानी नंबर चाचा गुजरा, अहमी और अली भाई के नाम से सेव किए गए थे।
विस्तार
जम्मू के सुंजवां सैन्य कैंप में वीरवार को एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है। उसकी पहचान तौसीफ हुसैन के रूप में हुई है। वह आर्मी पब्लिक स्कूल में वैन चालक के तौर पर काम करता था। उसके पास सेना के परिसर में जाने का वैध एंट्री पास भी था। सेना की रूटीन जांच के दौरान उसे पकड़ा। उसके मोबाइल फोन में पाकिस्तानी नंबर सेव मिले हैं। सेना ने उसे छन्नी हिम्मत पुलिस स्टेशन टीम को सौंपा दिया है।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि तौसीफ सैन्य कैंप के बी गेट से प्रवेश कर रहा था। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने नियमित जांच के लिए उसे रोका। इस दौरान जब उसके फोन की जांच की तो उसमें पाकिस्तान के तीन मोबाइल नंबर सेव मिले। अधिकारियों के अनुसार फोन में पाकिस्तानी नंबर चाचा गुजरा, अहमी और अली भाई के नाम से सेव किए गए थे।
सेना के अनुसार तौसीफ का वैध एंट्री पास 31 अक्तूबर 2026 तक मान्य है। आर्मी पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने और ले जाने के लिए स्कूल वैन चलाता था। अपने इसी काम की वजह से उसे सिक्योरिटी क्लीयरेंस दिया गया था जिससे वह संवेदनशील आर्मी इलाके में आ-जा सकता था।
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां कर रहीं पूछताछ
फोन में पाकिस्तानी नंबर मिलने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल उसकी गतिविधियों और कॉल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां तौसीफ को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पाकिस्तानी नंबरों पर क्या बातचीत होती थी।
सैन्य कैंप में पकड़े गए व्यक्ति को नियमित जांच के दौरान पकड़ा है। उसके मोबाइल में पाकिस्तानी नंबर सेव मिले हैं। शुरुआती जांच के बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया है। - लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल, पीआरओ, सेना जम्मू