लगातार बारिश से बिगड़े हालात: जम्मू-श्रीनगर हाईवे दूसरे दिन भी बंद, बेस कैंप से नहीं रवाना हुए अमरनाथ यात्री
लगातार बारिश और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण अमरनाथ यात्रा को जम्मू बेस कैंप से अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। उधमपुर में हाईवे की मरम्मत और मौसम में सुधार के बाद ही नए जत्थे को रवाना किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से शनिवार को अमरनाथ यात्रा को जम्मू आधार शिविर से स्थगित कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से किसी भी नए जत्थे को कश्मीर घाटी की ओर रवाना नहीं किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर जिले के लधा-समरोली इलाके में हाईवे को हुए नुकसान की मरम्मत का काम चल रहा है। बारिश के कारण राहत और बहाली कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सड़क पर कीचड़ जमा होने और फिसलन बढ़ने से यातायात बहाल करने में दिक्कत आ रही है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार से बंद है। यह राजमार्ग कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क मार्ग है। इस बीच रामबन और उधमपुर जिलों के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रही, जिससे सड़क बहाली के काम पर असर पड़ा।
यात्रियों की संख्या घटने पर बदली पंजीकरण व्यवस्था
अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के बाद श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने जम्मू के तवी रिवरफ्रंट स्थित पंजीकरण और टोकन वितरण केंद्र को अब भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित कर दिया है।
तवी रिवरफ्रंट पर बनाए गए केंद्र में ऑफलाइन पंजीकरण, टोकन वितरण, ई-केवाईसी सत्यापन और आरएफआईडी जारी करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के चलते इन सभी सुविधाओं को एक ही स्थान पर संचालित किया जा रहा है।
इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के तहत अब तक करीब 4.5 लाख श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन प्रस्तावित है।