लद्दाख और डोडा पर क्यों निगाहें जमाई बैठी है भाजपा
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में शानदार जीत से गदगद भाजपा को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव से भी काफी उम्मीदें है। मिशन 44 प्लस को लक्ष्य बना चुकी भाजपा के लिए प्रथम चरण की पंद्रह सीटों पर खाता खोलना काफी चुनौती भरा होगा।
प्रथम चरण में होने वाले चुनाव की सीटों पर 2008 में भाजपा जीत दर्ज करना तो दूर दूसरे नंबर पर भी नहीं आई पाई थी। हालांकि, पार्टी के रणनीतिकारों को लद्दाख तथा डोडा क्षेत्र में उलटफेर की उम्मीद है।
लोकसभा चुनाव 2014 में लद्दाख से भाजपा को मिली जीत के अलावा जम्मू संभाग की दोनों लोकसभा सीटों जम्मू पुंछ और उधमपुर डोडा पर मिली शानदार जीत से पार्टी रणनीतिकारों को उम्मीद है कि इस बार प्रथम चरण की 15 सीटों पर भाजपा खाता ही नहीं खोलेगी बल्कि अच्छा प्रदर्शन करेगी।
2008 में खाता भी नहीं खोल पाई थी पार्टी
खासतौर से लद्दाख और डोडा क्षेत्र से पार्टी की उलटफेर पर नजरें हैं। पहले चरण की पंद्रह सीटों जिसमें गुरेज, बांडीपोरा, सोनावारी, कंगन, गांदरबल, झंसकार, नोबरा, लेह, कारगिल, किश्तवाड़, इंद्रबाल, डोडा, भद्रवाह, बनिहाल और रामबन विधानसभा सीटों पर 2008 विधानसभा चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस ने सात, कांग्रेस ने छह, पीडीपी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक-एक सीट जीती थी।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि पार्टी जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगी और अपने बलबूते सरकार बनाएगी। भाजपा जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करे इसके लिए पार्टी पूरी तैयारी में जुटी हुई है।

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