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Jammu News: जन्म के पहले घंटे में मां का दूध, बच्चे की जिंदगी की सबसे अच्छी शुरुआत
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- विश्व स्तनपान सप्ताह शुरू, जम्मू के अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम
- डॉक्टरों ने कहा, पहले छह माह तक सिर्फ मां का दूध दें, दो साल तक स्तनपान जारी रखें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जन्म के पहले घंटे में मां का दूध पिलाना नवजात के स्वस्थ जीवन की सबसे अच्छी शुरुआत है। मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है। यह उसकी रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के साथ कई तरह के संक्रमणों से बचाने में मदद करता है। इसी संदेश के साथ जम्मू के अस्पतालों में शनिवार से विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत हुई।
इस मौके पर गांधी नगर, सरवाल और एसएमजीएस अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।सरवाल अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोनिका कोतवाल सूरी और गांधी नगर अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी गुप्ता ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए सबसे सुरक्षित और पूरा आहार है।
एसएमजीएस अस्पताल की डॉ. रेणु मलिक और डॉ. इरम ने कहा कि छह माह पूरे होने के बाद बच्चे को घर का हल्का और पौष्टिक पूरक आहार देना शुरू किया जा सकता है लेकिन इसके साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में सप्ताहभर गर्भवती महिलाओं और नई माताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों की सलाह, परामर्श सत्र और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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- डॉक्टरों ने कहा, पहले छह माह तक सिर्फ मां का दूध दें, दो साल तक स्तनपान जारी रखें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जन्म के पहले घंटे में मां का दूध पिलाना नवजात के स्वस्थ जीवन की सबसे अच्छी शुरुआत है। मां का पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है। यह उसकी रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के साथ कई तरह के संक्रमणों से बचाने में मदद करता है। इसी संदेश के साथ जम्मू के अस्पतालों में शनिवार से विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत हुई।
इस मौके पर गांधी नगर, सरवाल और एसएमजीएस अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।सरवाल अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोनिका कोतवाल सूरी और गांधी नगर अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी गुप्ता ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए सबसे सुरक्षित और पूरा आहार है।
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एसएमजीएस अस्पताल की डॉ. रेणु मलिक और डॉ. इरम ने कहा कि छह माह पूरे होने के बाद बच्चे को घर का हल्का और पौष्टिक पूरक आहार देना शुरू किया जा सकता है लेकिन इसके साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में सप्ताहभर गर्भवती महिलाओं और नई माताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों की सलाह, परामर्श सत्र और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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