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Jammu News: संस्कृत संरक्षण और नशामुक्त समाज के संकल्प के साथ निकली शोभायात्रा
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- युवाओं को नशामुक्त जीवन का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। संस्कृत मास के अवसर पर श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को संत हरे राम दास जी पब्लिक स्कूल मंडाल से संस्कृत शोभायात्रा एवं नशामुक्ति रैली निकाली गई। इसका उद्देश्य संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के साथ समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। रैली में विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
संस्कृत भाषा के महत्व और नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि संस्कृत भारत की ज्ञान, संस्कृति, परंपरा और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है। इसके अध्ययन और प्रचार से युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकते हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
स्कूल के प्रबंधक महंत हरे राम दास ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, दर्शन, अध्यात्म, ज्योतिष, आयुर्वेद और ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा को समेटे हुए है। माैके पर देवकी नंदन शर्मा, पूर्व सरपंच वंदना कुमारी, अमन शर्मा, राकेश सिंह और कुलभूषण जमवाल आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिश्रीवाला। संस्कृत मास के अवसर पर श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को संत हरे राम दास जी पब्लिक स्कूल मंडाल से संस्कृत शोभायात्रा एवं नशामुक्ति रैली निकाली गई। इसका उद्देश्य संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के साथ समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ जागरूकता फैलाना था। रैली में विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
संस्कृत भाषा के महत्व और नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि संस्कृत भारत की ज्ञान, संस्कृति, परंपरा और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है। इसके अध्ययन और प्रचार से युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकते हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
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स्कूल के प्रबंधक महंत हरे राम दास ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, दर्शन, अध्यात्म, ज्योतिष, आयुर्वेद और ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा को समेटे हुए है। माैके पर देवकी नंदन शर्मा, पूर्व सरपंच वंदना कुमारी, अमन शर्मा, राकेश सिंह और कुलभूषण जमवाल आदि मौजूद रहे।
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