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Jammu News: एक साल में बढ़ीं एमबीबीएस की 405 सीटें, प्रदेश में हर वर्ष बनेंगे 1,512 डॉक्टर
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- पिछले साल 1,107 सीटें थीं, इस बार सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 1,512 सीटें
- सरकारी कॉलेजों में 355 सीटें बढ़ीं, जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में सबसे ज्यादा 60-60 सीटें बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आने वाले वर्षों में प्रदेश से 1,512 से ज्यादा छात्र डॉक्टर बनेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 के मुकाबले इस वर्ष एमबीबीएस की 405 सीटें बढ़ी हैं। पिछले साल सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 1107 सीटें थीं, जो इस बार बढ़कर 1,512 हो गई हैं। यानी एक साल में सीटों की संख्या करीब 37 फीसदी बढ़ी है। सरकारी कॉलेजों में 1,007 से बढ़कर 1,362 और निजी कॉलेज में 100 से बढ़कर 150 सीटें हुई हैं। वहीं बीडीएस में सिर्फ एक सीट बढ़ी है।
सबसे ज्यादा सीटें जीएमसी जम्मू और जीएमसी श्रीनगर में बढ़ीं हैं। जीएमसी, अनंतनाग, बारामुला, राजोरी, कठुआ, डोडा और स्किम्स सौरा (श्रीनगर) में भी सीटों का इजाफा हुआ है। वहीं प्रदेश में एकमात्र निजी मेडिकल कॉलेज एएसकॉम्स सिद्धडा (जम्मू) में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़कर 150 हो गई हैं। एमबीबीएस के मुकाबले बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) में इस साल बदलाव बहुत कम है। 2025 में सरकारी डेंटल कॉलेज जम्मू और श्रीनगर में बीडीएस की कुल 107 सीटें थीं। 2026 में यह संख्या 108 हो गई है। जम्मू में 53 से बढ़कर 54 सीटें हुई हैं।
इस साल नीट में सफल विद्यार्थियों के पास पिछले साल के मुकाबले एमबीबीएस के लिए ज्यादा विकल्प हैं। खासकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी सीटों से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी कॉलेज में दाखिले का मौका मिल सकता है। हालांकि किस विद्यार्थी को कौन सा कॉलेज मिलेगा, यह उसकी नीट रैंक, आरक्षण और काउंसलिंग में भरी गई पसंद के आधार पर तय होगा।
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बढ़ी सीटों से तुरंत नहीं बढ़ेंगे डॉक्टर
405 अतिरिक्त सीटों का मतलब यह नहीं है कि इस साल प्रदेश को 405 नए डॉक्टर मिल जाएंगे। ये इस साल के दाखिले के अतिरिक्त मौके हैं। एनएमसी के अनुसार एमबीबीएस में 4.5 साल की पढ़ाई के बाद एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप होती है। इसलिए इन बढ़ी सीटों का असर डॉक्टरों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं पर कुछ साल बाद दिखाई देगा।
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जानिए किस कॉलेज में कितनी सीटें बढ़ीं
मेडिकल कॉलेज 2025 2026 बढ़ोतरी
जीएमसी जम्मू 153 213 60
जीएमसी श्रीनगर 153 213 60
स्किम्स सौरा 106 128 22
जीएमसी अनंतनाग 85 128 43
जीएमसी बारामुला 85 128 43
जीएमसी राजोरी 85 128 43
जीएमसी कठुआ 85 127 42
जीएमसी डोडा 85 127 42
कुल 1007 136 355
नोट - निजी मेडिकल कॉलेज में भी 50 सीटें बढ़ीं
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- सरकारी कॉलेजों में 355 सीटें बढ़ीं, जीएमसी जम्मू और श्रीनगर में सबसे ज्यादा 60-60 सीटें बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आने वाले वर्षों में प्रदेश से 1,512 से ज्यादा छात्र डॉक्टर बनेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 के मुकाबले इस वर्ष एमबीबीएस की 405 सीटें बढ़ी हैं। पिछले साल सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 1107 सीटें थीं, जो इस बार बढ़कर 1,512 हो गई हैं। यानी एक साल में सीटों की संख्या करीब 37 फीसदी बढ़ी है। सरकारी कॉलेजों में 1,007 से बढ़कर 1,362 और निजी कॉलेज में 100 से बढ़कर 150 सीटें हुई हैं। वहीं बीडीएस में सिर्फ एक सीट बढ़ी है।
सबसे ज्यादा सीटें जीएमसी जम्मू और जीएमसी श्रीनगर में बढ़ीं हैं। जीएमसी, अनंतनाग, बारामुला, राजोरी, कठुआ, डोडा और स्किम्स सौरा (श्रीनगर) में भी सीटों का इजाफा हुआ है। वहीं प्रदेश में एकमात्र निजी मेडिकल कॉलेज एएसकॉम्स सिद्धडा (जम्मू) में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़कर 150 हो गई हैं। एमबीबीएस के मुकाबले बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) में इस साल बदलाव बहुत कम है। 2025 में सरकारी डेंटल कॉलेज जम्मू और श्रीनगर में बीडीएस की कुल 107 सीटें थीं। 2026 में यह संख्या 108 हो गई है। जम्मू में 53 से बढ़कर 54 सीटें हुई हैं।
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इस साल नीट में सफल विद्यार्थियों के पास पिछले साल के मुकाबले एमबीबीएस के लिए ज्यादा विकल्प हैं। खासकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी सीटों से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी कॉलेज में दाखिले का मौका मिल सकता है। हालांकि किस विद्यार्थी को कौन सा कॉलेज मिलेगा, यह उसकी नीट रैंक, आरक्षण और काउंसलिंग में भरी गई पसंद के आधार पर तय होगा।
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बढ़ी सीटों से तुरंत नहीं बढ़ेंगे डॉक्टर
405 अतिरिक्त सीटों का मतलब यह नहीं है कि इस साल प्रदेश को 405 नए डॉक्टर मिल जाएंगे। ये इस साल के दाखिले के अतिरिक्त मौके हैं। एनएमसी के अनुसार एमबीबीएस में 4.5 साल की पढ़ाई के बाद एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप होती है। इसलिए इन बढ़ी सीटों का असर डॉक्टरों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं पर कुछ साल बाद दिखाई देगा।
जानिए किस कॉलेज में कितनी सीटें बढ़ीं
मेडिकल कॉलेज 2025 2026 बढ़ोतरी
जीएमसी जम्मू 153 213 60
जीएमसी श्रीनगर 153 213 60
स्किम्स सौरा 106 128 22
जीएमसी अनंतनाग 85 128 43
जीएमसी बारामुला 85 128 43
जीएमसी राजोरी 85 128 43
जीएमसी कठुआ 85 127 42
जीएमसी डोडा 85 127 42
कुल 1007 136 355
नोट - निजी मेडिकल कॉलेज में भी 50 सीटें बढ़ीं