कयाकिंग और कैनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स में खिलाड़ी के तौर पर अब तक 6 स्वर्ण समेत 16 पदक हासिल कर चुकीं जम्मू-कश्मीर की बेटी बिलकीस मीर जज के रूप में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम फहराएगी। बिलकीस को अगले माह पताया (थाईलैंड) में होने वाली ओलंपिक क्वालीफायर प्रतियोगिता के जज के रूप में चुना गया है। मीर का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये उपलब्धि हासिल करने वाली वह भारत की पहली महिला कोच हैं।
कयाकिंग-कैनोइंग स्पोर्ट्स की जज बनी कश्मीर की बेटी, कहा- डल झील न होती तो मैं न होती
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बिलकीस ने विश्व कप सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। उनका कहना है कि जापान में कैनो एशियन कन्फेडरेशन ने उन्हें पताया में होने वाली प्रतियोगिता के लिए जज चुना है। उन्होंने कहा कि उन्हें जितना बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है, वह हर खिलाड़ी का सपना होता है। 21 वर्षों के सफर में इतनी बड़ी उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता और उनके कोच का बड़ा योगदान है।
कश्मीर की लड़कियों को प्रोत्साहन की जरूरत
बिलकीस ने कहा कि कश्मीर की लड़कियां किसी भी मैदान में लड़कों से कम नहीं हैं लेकिन ज़रूरत है तो उन्हे प्रोत्साहित करने की। उनका सपना है कि वह कश्मीर और देश के वाटर स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों को विश्व के नक्शे पर जगह दिला पाएं।
बिलकीस का मानना है कि उनका भविष्य केवल डल झील की वजह से बना है। अगर डल झील न होती तो शायद बिलकीस भी नहीं होती। उन्होंने 1998 में इस खेल में कदम रखा था। केंद्र सरकार ने स्पोर्ट्स पैकेज में इस खेल के लिए सात करोड़ दिए हैं।
पांच साल से जम्मू-कश्मीर टीम को दे रही कोचिंग
बिलकीस डल झील में कश्मीर के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देती हैं। वह जम्मू-कश्मीर में वाटर स्पोर्ट्स की निदेशक भी हैं। बिलकीस ने बताया कि पिछले चार-पांच सालों से वह जम्मू-कश्मीर टीम के लिए काम कर रही हैं और अब तक यह टीम 82 मेडल हासिल कर चुकी हैं।

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