पीओके पर बोले सीएम उमर अब्दुल्ला: 'भारत के मामलों में दखल बंद करे पाकिस्तान', पहले अपने हालात संभाले
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल न देने की नसीहत देते हुए कहा कि देश अपने मुद्दों का समाधान खुद करेगा।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक विषय है और इससे जुड़े मुद्दों पर भारत सरकार और यहां के लोग खुद फैसला करेंगे।
उनके चुनाव उनकी जिम्मेदारी, हमारे चुनाव हमारी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब भारत में चुनाव होते हैं तो पाकिस्तान उन पर सवाल उठाता है, लेकिन अपने यहां होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी उसे खुद लेनी चाहिए। हर देश को अपने आंतरिक मामलों को संभालने का अधिकार है। उनके चुनाव उनकी जिम्मेदारी हैं और हमारे चुनाव हमारी जिम्मेदारी।
पीओके के हालात पर निष्पक्ष जांच की मांग
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हो रही हिंसा और आम लोगों की मौतों को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने पुराने बयानों को याद करना चाहिए, जब भारत में वर्ष 2008, 2010 और 2016 के हालात पर उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जांच की मांग की थी। वहां दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। सच्चाई सामने आने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
दुनिया के अन्य मुद्दों के बीच पीओके पर कम ध्यान
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के कारण पीओके की स्थिति पर दुनिया का ध्यान कम है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को वहां रहने वाले लोगों की चिंता है क्योंकि एक समय में वे भी हमारे ही लोग थे और वह चाहते हैं कि वहां हालात बेहतर हों।
उमर अब्दुल्ला ने साफ किया कि उनकी कोई भी बात पाकिस्तान के लोगों या देश के खिलाफ नहीं है। हमारी आपत्ति पाकिस्तान की सरकार की नीतियों से है, किसी देश या वहां के लोगों से नहीं।
नीट विवाद पर छात्रों के समर्थन में उतरे उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना देश विरोधी होना नहीं है।
मोहन भागवत के बयान का किया स्वागत
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का भी स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि युवाओं के विरोध प्रदर्शन को देश विरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
सरकार का विरोध कई बार देश के हित में होता है, क्योंकि इससे गलतियों को सुधारने का मौका मिलता है। उन्होंने नीट विवाद को लेकर छात्रों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई रोकने की अपील भी की।