जिसे अपना समझा, वही बना बेटे की मौत का कारण: 11 साल के मासूम का दर्दनाक अंत, रिश्ते ने लिया खौफनाक मोड़
कांता अपने 11 वर्षीय बेटे रोहित के साथ पति रवि कुमार से अलग होकर नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी, लेकिन रिश्तों में आई दरार और पुराने विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जब एक मां फैक्ट्री की चकाचौंध और थका देने वाली मशीनरी के शोर के बीच अपना घर चलाने के लिए पसीना बहा रही थी, तब उसे क्या पता था कि उसकी जिंदगी में प्यार के भेष में आया शख्स उसके घर का सबसे बड़ा काल बन जाएगा। यह खबर सिर्फ एक कत्ल की नहीं बल्कि एक मासूम के भरोसे और एक मां की बेबसी का वह दर्दनाक दस्तावेज है जिसे पढ़कर पत्थर दिल इंसान का भी कलेजा कांप उठेगा।
रिश्तों की उलझन और शराब का साया
कांता की जिंदगी संघर्षों की एक लंबी दास्तान थी। पहली शादी के टूटने के बाद उसने रवि कुमार के साथ एक नई उम्मीद के साथ घर बसाया था। पेशे से दिहाड़ी मजदूर रवि के साथ उसकी जिंदगी मुश्किल जरूर थी लेकिन कांता ने हर कठिनाई को हंसकर झेलने की ठान ली थी। रवि उस मासूम 11 साल के रोहित को बहुत प्यार करता था वही रोहित, जो कांता की दुनिया था। शराब की लत और घर की कलह ने इस रिश्ते की गर्माहट को ठंडा कर दिया। आए दिन की मारपिटाई और झगड़ों से तंग आकर एक वक्त ऐसा भी आया जब समाज के नुमाइंदों पंच-सरपंचों की मौजूदगी में कांता ने रवि से अलग होने का फैसला कर लिया। वह अपने बच्चे को लेकर दूर आ गई ताकि एक सुकून भरी जिंदगी जी सके।
शक का ऐसा अंधापन, जिसने ली मासूम की जान
रवि को कांता का दोबारा दूर जाना और कानूनी तौर पर फिर से शादी करने से इनकार करना नागवार गुजरा। उसे हर पल यह डर सताने लगा कि कांता उसे हमेशा के लिए छोड़ देगी।यहीं से एक खौफनाक साजिश ने जन्म लिया। रवि समझ चुका था कि कांता अगर किसी से सबसे ज्यादा प्यार करती है और जिसके सहारे जीती है, वह उसका बेटा रोहित है। कांता को तोड़ने और उसे अपने वश में करने के लिए उस दरिंदे ने मां की छाती से उसके कलेजे के टुकड़े को ही छीन लेने का घिनौना
फैसला कर लिया।
रोहित को क्या मालूम था कि जिस पापा ने उसे कभी प्यार से दुलारा था, वही आज उसकी जिंदगी का अंत लिखने आ रहा है। ईंटों से उस कोमल शरीर को कूंचते वक्त उस हैवान के हाथ जरा भी नहीं कांपे होंगे। उसने रोहित को नहीं मारा बल्कि कांता की पूरी दुनिया को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।