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Jammu News: चरस तस्करी ने बढ़ाई चिंता, एक साल में बरामदगी छह गुना बढ़ी
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- 2024 में 372.52 किलो चरस बरामद की थी, 2025 में बढ़कर 2137 किलो हुई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में चरस व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट-2025 के अनुसार बीते साल 2137 किलो चरस बरामद हुई थी। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 372.52 किलो थी। एक साल में करीब छह गुना तक बरामदगी बढ़ी है, जो तस्करी के नेटवर्क के पहले से अधिक संगठित होने का संकेत दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक नशा तस्करी तौर-तरीके बदल रहे है। हेरोइन सीमापार से ड्रोन ड्राॅपिंग जबकि चरस, गांजा व नशीली दवाइयों की तस्करी अंतरराज्यीय रूट से हो रही है। 2025 में एनसीबी ने जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से नशा तस्करी के चार मामले पकड़े थे। इनमें 5.811 किलोग्राम हेरोइन और 447 ग्राम अफीम बरामद की गई। रिपोर्ट बताती है कि तस्कर अब पारंपरिक रास्तों के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि ड्रोन ड्राॅपिंग जैसे मामलों की संख्या पंजाब की तुलना में कम है लेकिन जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के लिए ड्रोन इस्तेमाल नई चुनौती है। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में जम्मू-कश्मीर पुलिस की हेरोइन बरामदगी की दर काफी अधिक है। रिपोर्ट में हेरोइन की बरामदगी का आंकड़ा उतना ही है जितनी बरामदगी एनसीबी ने की है।
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बीते साल 2,500 आरोपियों को गिरफ्तार किया
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,856 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 2,500 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 703 किलो भुक्की, 22 किलो अफीम, 71,687 नशीली गोलियां, 3,097 कोडीन की बोतलें और 1923 इंजेक्शन पकड़े गए हैं। जम्मू जोन में वर्ष 2025 के दौरान 64 अपील दाखिल हुईं लेकिन सिर्फ पांच का ही निपटारा हुआ।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में चरस व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट-2025 के अनुसार बीते साल 2137 किलो चरस बरामद हुई थी। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 372.52 किलो थी। एक साल में करीब छह गुना तक बरामदगी बढ़ी है, जो तस्करी के नेटवर्क के पहले से अधिक संगठित होने का संकेत दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक नशा तस्करी तौर-तरीके बदल रहे है। हेरोइन सीमापार से ड्रोन ड्राॅपिंग जबकि चरस, गांजा व नशीली दवाइयों की तस्करी अंतरराज्यीय रूट से हो रही है। 2025 में एनसीबी ने जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से नशा तस्करी के चार मामले पकड़े थे। इनमें 5.811 किलोग्राम हेरोइन और 447 ग्राम अफीम बरामद की गई। रिपोर्ट बताती है कि तस्कर अब पारंपरिक रास्तों के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि ड्रोन ड्राॅपिंग जैसे मामलों की संख्या पंजाब की तुलना में कम है लेकिन जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के लिए ड्रोन इस्तेमाल नई चुनौती है। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में जम्मू-कश्मीर पुलिस की हेरोइन बरामदगी की दर काफी अधिक है। रिपोर्ट में हेरोइन की बरामदगी का आंकड़ा उतना ही है जितनी बरामदगी एनसीबी ने की है।
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बीते साल 2,500 आरोपियों को गिरफ्तार किया
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,856 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 2,500 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 703 किलो भुक्की, 22 किलो अफीम, 71,687 नशीली गोलियां, 3,097 कोडीन की बोतलें और 1923 इंजेक्शन पकड़े गए हैं। जम्मू जोन में वर्ष 2025 के दौरान 64 अपील दाखिल हुईं लेकिन सिर्फ पांच का ही निपटारा हुआ।
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