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नोडल अधिकारी गांवों का दौरा कर लोगों को योजनाओं के बारे में जागरूक करें : डीसी
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सांबा। जिला विकास आयुक्त सांबा आयुषी सूदन ने सोमवार को जिला प्रशासनिक परिसर के बैठक कक्ष में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नामित ग्राम नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने गांवों का नियमित दौरा करें और स्थानीय लोगों को योजना के बारे में जागरूक करें।
साथ ही कहा कि पेयजल योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, एचएडीपी के तहत उच्च घनत्व पौधरोपण, ड्रैगन फ्रूट व स्ट्रॉबेरी खेती, मिशन युवा, गैर-संक्रामक रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग तथा टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम सहित महिला एवं बाल स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए।
डीसी ने चयनित वाइब्रेंट गांवों में आवश्यकतानुसार मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों और नए पंचायत भवनों के निर्माण जैसे अतिरिक्त बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने विभिन्न केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय योजनाओं और सीएसएस के समन्वय के माध्यम से गांवों की पहचानी गई जरूरतों को पूरा कर उन्हें विकसित बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के शहरी स्थानीय निकायों के कामकाज की भी व्यापक समीक्षा की गई। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएमएवाई-यू प्रथम चरण के तहत निर्माणाधीन सभी मकानों को एक महीने के भीतर पूरा किया जाए।
इसके अलावा लाभार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पीएमएवाई-यू2.0 और पीएम स्वानिधि योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन आमंत्रित करने के लिए शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। शहरी क्षेत्रों में भवन अनुमति, स्वच्छता व्यवस्था और आउटसोर्सिंग से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सीपीओ सांबा, एसीआर सांबा, एसडीएम घगवाल व विजयपुर, वाइब्रेंट गांवों के नोडल अधिकारी, संबंधित हितधारक तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रमुख उपस्थित रहे।
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साथ ही कहा कि पेयजल योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, एचएडीपी के तहत उच्च घनत्व पौधरोपण, ड्रैगन फ्रूट व स्ट्रॉबेरी खेती, मिशन युवा, गैर-संक्रामक रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग तथा टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम सहित महिला एवं बाल स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए।
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डीसी ने चयनित वाइब्रेंट गांवों में आवश्यकतानुसार मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों और नए पंचायत भवनों के निर्माण जैसे अतिरिक्त बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने विभिन्न केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय योजनाओं और सीएसएस के समन्वय के माध्यम से गांवों की पहचानी गई जरूरतों को पूरा कर उन्हें विकसित बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के शहरी स्थानीय निकायों के कामकाज की भी व्यापक समीक्षा की गई। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएमएवाई-यू प्रथम चरण के तहत निर्माणाधीन सभी मकानों को एक महीने के भीतर पूरा किया जाए।
इसके अलावा लाभार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पीएमएवाई-यू2.0 और पीएम स्वानिधि योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन आमंत्रित करने के लिए शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। शहरी क्षेत्रों में भवन अनुमति, स्वच्छता व्यवस्था और आउटसोर्सिंग से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सीपीओ सांबा, एसीआर सांबा, एसडीएम घगवाल व विजयपुर, वाइब्रेंट गांवों के नोडल अधिकारी, संबंधित हितधारक तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रमुख उपस्थित रहे।