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Jammu News: रात एक बजे तक बिजली गुल, कैसे करें परीक्षाओं की तैयारी, सुरक्षा पर भी सवाल
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- सांबा में आठ से 10 घंटे की अघोषित बिजली कटौती से विद्यार्थियों और लोगों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में अघोषित बिजली कटौती ने लोग परेशान हैं। सांबा और आसपास के इलाकों में रोज आठ से 10 घंटे तक बिजली कटाैती की जा रही है। दिन में बार-बार कटौती के साथ रात 11 से एक बजे तक बिजली गुल रहती है। इससे विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पा रहे हैं। सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों खासकर विद्यार्थियों में बिजली विभाग के खिलाफ रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती की जा रही है। इससे घरेलू कार्य, व्यापारिक गतिविधियां और विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इन दिनों विभिन्न प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात को वैकल्पिक साधनों के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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प्रशासन परीक्षा के समय तो राहत दे : शिवानी
शहरवासी शिवानी गुप्ता ने बताया कि रात 11 से एक बजे तक बिजली कटौती होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनके दो बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। बार-बार बिजली जाने से उनका ध्यान भटक जाता है। इन्वर्टर भी हर समय साथ नहीं देता। प्रशासन को कम से कम परीक्षा के समय तो राहत देनी चाहिए। शिवानी गुप्ता ने बताया कि दिनभर बिजली न रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित होता है। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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रात में चोरियों का रहता है डर : संजीव
स्थानीय निवासी संजीव सिंह का कहना है कि अघोषित कटौती से सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। रात में मोहल्लों में अंधेरा छा जाता है। स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। चोरियों का डर रहता है। कई जगह पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। बिजली विभाग को कम से कम रात के समय निर्बाध आपूर्ति करनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि कटौती का स्पष्ट शेड्यूल जारी किया जाए। समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए।
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बिजली की उपलब्धता कम
और मांग अधिक : एक्सईएन
बिजली विभाग के एक्सईएन जावेद हुसैन ने कहा कि बिजली कटौती का कार्य सब ट्रांसमिशन डिवीजन के अधीन आता है। सब ट्रांसमिशन डिवीजन ही वितरण का शेड्यूल तय करता है। वर्तमान में बिजली की उपलब्धता कम और मांग अधिक है। कई स्थानों पर लोड शेडिंग की समस्या आ रही है। विभाग ने जिले में 400 करोड़ रुपये का राजस्व वसूलने का लक्ष्य रखा है लेकिन अभी तक मात्र 60 प्रतिशत राजस्व ही एकत्र हो पा रहा है। राजस्व वसूली में कमी का भी व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। विभाग ने लोगों से समय पर बिल जमा करने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि स्थिति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
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31 से पहले बकाया बिल भरने की अपील
एक्सईएन जावेद हुसैन ने कहा कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबित हैं। विभाग ने वर्ष 2024 में एमनेस्टी योजना शुरू की थी। इससे उपभोक्ता छूट और किस्तों के आधार पर बकाया बिल का भुगतान कर सकते हैं। सरकार ने योजना की अवधि 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे 31 मार्च तक एमनेस्टी योजना के तहत लंबित बिलों का भुगतान कर दें। अन्यथा उनका पुराना बकाया बिल मौजूदा बिल में शामिल कर दिया जाएगा जिससे भुगतान राशि और बढ़ सकती है।
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सांबा। जिले में अघोषित बिजली कटौती ने लोग परेशान हैं। सांबा और आसपास के इलाकों में रोज आठ से 10 घंटे तक बिजली कटाैती की जा रही है। दिन में बार-बार कटौती के साथ रात 11 से एक बजे तक बिजली गुल रहती है। इससे विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पा रहे हैं। सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों खासकर विद्यार्थियों में बिजली विभाग के खिलाफ रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती की जा रही है। इससे घरेलू कार्य, व्यापारिक गतिविधियां और विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इन दिनों विभिन्न प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात को वैकल्पिक साधनों के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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प्रशासन परीक्षा के समय तो राहत दे : शिवानी
शहरवासी शिवानी गुप्ता ने बताया कि रात 11 से एक बजे तक बिजली कटौती होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनके दो बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। बार-बार बिजली जाने से उनका ध्यान भटक जाता है। इन्वर्टर भी हर समय साथ नहीं देता। प्रशासन को कम से कम परीक्षा के समय तो राहत देनी चाहिए। शिवानी गुप्ता ने बताया कि दिनभर बिजली न रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित होता है। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रात में चोरियों का रहता है डर : संजीव
स्थानीय निवासी संजीव सिंह का कहना है कि अघोषित कटौती से सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। रात में मोहल्लों में अंधेरा छा जाता है। स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। चोरियों का डर रहता है। कई जगह पहले भी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। बिजली विभाग को कम से कम रात के समय निर्बाध आपूर्ति करनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि कटौती का स्पष्ट शेड्यूल जारी किया जाए। समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाए।
बिजली की उपलब्धता कम
और मांग अधिक : एक्सईएन
बिजली विभाग के एक्सईएन जावेद हुसैन ने कहा कि बिजली कटौती का कार्य सब ट्रांसमिशन डिवीजन के अधीन आता है। सब ट्रांसमिशन डिवीजन ही वितरण का शेड्यूल तय करता है। वर्तमान में बिजली की उपलब्धता कम और मांग अधिक है। कई स्थानों पर लोड शेडिंग की समस्या आ रही है। विभाग ने जिले में 400 करोड़ रुपये का राजस्व वसूलने का लक्ष्य रखा है लेकिन अभी तक मात्र 60 प्रतिशत राजस्व ही एकत्र हो पा रहा है। राजस्व वसूली में कमी का भी व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। विभाग ने लोगों से समय पर बिल जमा करने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि स्थिति में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
31 से पहले बकाया बिल भरने की अपील
एक्सईएन जावेद हुसैन ने कहा कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबित हैं। विभाग ने वर्ष 2024 में एमनेस्टी योजना शुरू की थी। इससे उपभोक्ता छूट और किस्तों के आधार पर बकाया बिल का भुगतान कर सकते हैं। सरकार ने योजना की अवधि 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे 31 मार्च तक एमनेस्टी योजना के तहत लंबित बिलों का भुगतान कर दें। अन्यथा उनका पुराना बकाया बिल मौजूदा बिल में शामिल कर दिया जाएगा जिससे भुगतान राशि और बढ़ सकती है।