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यशवंत सिन्हा से मिले फारूक अब्दुल्ला, कहा-वार्ता से ही कश्मीर मसले का हल
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 14 Dec 2016 10:55 PM IST
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रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : FILE PHOTO
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नेकां प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर समस्या का हल बातचीत से ही निकल सकता है। इसमें रियासत के सभी हितधारकों को साथ लेने के साथ पाकिस्तान से वार्ता प्रक्रिया को शुरू किया जाना चाहिए।
इस दिशा में केंद्र को बिना वक्त गंवाए जमीनी स्तर के हालात को गंभीरता से लेते हुए बातचीत शुरू करनी चाहिए। डा. फारूक ने बुधवार को श्रीनगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
डा. फारूक ने कहा कि केंद्र को कश्मीर मसले को लेकर राजनीतिक स्तर पर काम करना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कश्मीर समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। घाटी में शांति के लिए नई दिल्ली को पहल करनी चाहिए। केंद्र के अड़ियल रवैये से जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रभावित होना पड़ रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों का जम्मू-कश्मीर पर सीधा असर देखने को मिलता है।
दोनों मुल्कों में शांति प्रक्रिया को बढ़ावा मिलने से रियासत में भी अमन और विकास को गति मिलेगी। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर, अब्दुल रहीम राथर, चौधरी मोहम्मद रमजान, मोहम्मद अकबर लोन और तनवीर सादिक मौजूद रहे।
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इस दिशा में केंद्र को बिना वक्त गंवाए जमीनी स्तर के हालात को गंभीरता से लेते हुए बातचीत शुरू करनी चाहिए। डा. फारूक ने बुधवार को श्रीनगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
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डा. फारूक ने कहा कि केंद्र को कश्मीर मसले को लेकर राजनीतिक स्तर पर काम करना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कश्मीर समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। घाटी में शांति के लिए नई दिल्ली को पहल करनी चाहिए। केंद्र के अड़ियल रवैये से जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रभावित होना पड़ रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों का जम्मू-कश्मीर पर सीधा असर देखने को मिलता है।
दोनों मुल्कों में शांति प्रक्रिया को बढ़ावा मिलने से रियासत में भी अमन और विकास को गति मिलेगी। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर, अब्दुल रहीम राथर, चौधरी मोहम्मद रमजान, मोहम्मद अकबर लोन और तनवीर सादिक मौजूद रहे।