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Jammu News: आयुष्मान योजना में बिना अप्रूवल लिए कर दी स्टेम सेल थेरेपी
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- आयुष्मान भारत योजना को अभी नहीं मिला इस मद में खर्च का बिल
- स्टेम थेरेपी से ऑस्टियो आर्थराइटिस से पीड़ित महिला का किया था इलाज
- निजी फार्मा कंपनी ने उपलब्ध कराए थे स्टेम सेल और अन्य उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू में आयुष्मान भारत योजना के तहत मंजूरी लिए बगैर ही घुटने के उपचार में स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग किया गया है। इसे लेकर जो कागजी कार्रवाई पूरी करनी थी वह विभाग ने नहीं की। इलाज के बाद इसमें आए खर्च को लेकर कोई अपडेट या बिल आयुष्मान भारत योजना का काम देख रहे विभाग के पास नहीं पहुंचा है।
जीएमसी में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ब्यास देव की टीम ने एक महिला को ऑस्टियो आर्थराइटिस बीमारी के इलाज में स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग किया। यह प्रदेश में पहला प्रयोग था। इसमें इलाज का खर्च आयुष्मान योजना में उठाया जाना है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस इलाज के लिए जो आवेदन था वह किसी प्रकार से आयुष्मान योजना में नहीं किया गया था और न ही इसे लेकर कोई अप्रूवल लिया गया। बताया जा रहा है कि घुटना प्रत्यारोपण वर्ग में इसको रखा गया लेकिन इसको लेकर कागजी कार्रवाई आज की तिथि में आयुष्मान भारत योजना में दर्ज नहीं है।
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जीएमसी जम्मू में आयुष्मान योजना का काम देख रहे धीरज ने बताया कि उनको अभी तक कोई बिल इस इलाज के खर्च को लेकर नहीं मिला है। साथ ही इसको लेकर कोई अप्रूवल भी पहले नहीं लिया गया है। हो सकता है कि निजी फार्मा कंपनी ने प्रयोग के तौर पर इनको उपलब्ध कराया हो। योजना में सिर्फ घुटना प्रत्यारोपण को लेकर अप्रूवल करने की बात सामने आई है।
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आयुष्मान योजना में ही मंगवाकर दिए गए थे स्टेम सेल
जीएमसी में आर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ब्यास देव ने कहा कि स्टेम सेल आयुष्मान योजना में ही मंगवाकर दिए गए थे। यह निजी फार्मा कंपनी की तरफ से बनाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर योजना में इलाज के लिए कितनी राशि खर्च की गई यह जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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- स्टेम थेरेपी से ऑस्टियो आर्थराइटिस से पीड़ित महिला का किया था इलाज
- निजी फार्मा कंपनी ने उपलब्ध कराए थे स्टेम सेल और अन्य उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू में आयुष्मान भारत योजना के तहत मंजूरी लिए बगैर ही घुटने के उपचार में स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग किया गया है। इसे लेकर जो कागजी कार्रवाई पूरी करनी थी वह विभाग ने नहीं की। इलाज के बाद इसमें आए खर्च को लेकर कोई अपडेट या बिल आयुष्मान भारत योजना का काम देख रहे विभाग के पास नहीं पहुंचा है।
जीएमसी में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ब्यास देव की टीम ने एक महिला को ऑस्टियो आर्थराइटिस बीमारी के इलाज में स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग किया। यह प्रदेश में पहला प्रयोग था। इसमें इलाज का खर्च आयुष्मान योजना में उठाया जाना है।
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चौंकाने वाली बात यह है कि इस इलाज के लिए जो आवेदन था वह किसी प्रकार से आयुष्मान योजना में नहीं किया गया था और न ही इसे लेकर कोई अप्रूवल लिया गया। बताया जा रहा है कि घुटना प्रत्यारोपण वर्ग में इसको रखा गया लेकिन इसको लेकर कागजी कार्रवाई आज की तिथि में आयुष्मान भारत योजना में दर्ज नहीं है।
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जीएमसी जम्मू में आयुष्मान योजना का काम देख रहे धीरज ने बताया कि उनको अभी तक कोई बिल इस इलाज के खर्च को लेकर नहीं मिला है। साथ ही इसको लेकर कोई अप्रूवल भी पहले नहीं लिया गया है। हो सकता है कि निजी फार्मा कंपनी ने प्रयोग के तौर पर इनको उपलब्ध कराया हो। योजना में सिर्फ घुटना प्रत्यारोपण को लेकर अप्रूवल करने की बात सामने आई है।
आयुष्मान योजना में ही मंगवाकर दिए गए थे स्टेम सेल
जीएमसी में आर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ब्यास देव ने कहा कि स्टेम सेल आयुष्मान योजना में ही मंगवाकर दिए गए थे। यह निजी फार्मा कंपनी की तरफ से बनाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर योजना में इलाज के लिए कितनी राशि खर्च की गई यह जानकारी नहीं मिल पा रही है।