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राजोरी-पुंछ में भारी बारिश से तबाही: बाढ़ और भूस्खलन से चार लोगों की मौत, उफान पर नदी; सैकड़ों वाहन भी लापता
Sun, 19 Jul 2026 08:06 AM IST
Sharukh Khan
एएनआई, जम्मू
एएनआई, जम्मू
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 19 Jul 2026 08:06 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। लगातार बारिश होने से धरहल नदी का पानी उफान पर आ गया है। कई इलाकों में पानी भर गया है। वहीं पुंछ में बाढ़ और भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई।
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Heavy rainfall
- फोटो : ani
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले में लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। नदी का पानी उफान पर है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोगों में चिंता बढ़ गई है और जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
राजोरी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से धरहल नदी का पानी उफान पर आकर न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में फैल गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। पार्किंग क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसने से बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां डूब गईं।
बारिश के दौरान बाजारों में पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों में घुसे पानी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग की है।
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राजोरी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से धरहल नदी का पानी उफान पर आकर न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में फैल गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। पार्किंग क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसने से बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां डूब गईं।
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बारिश के दौरान बाजारों में पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों में घुसे पानी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग की है।
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जिला प्रशासन ने लोगों से बेवजह यात्रा न करने की अपील की है। उन्हें नदियों, नालों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उनका सब कुछ बह गया है और एक महिला लापता है।
मानसून और स्वास्थ्य अलर्ट
उधमपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल मन्हास ने बताया कि मानसून का मौसम शुरू हो गया है। उनका विभाग पूरी तरह से सतर्क है। टीमें मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय दौरे कर रही हैं। लोगों को पानी में क्लोरीन मिलाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
उधमपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल मन्हास ने बताया कि मानसून का मौसम शुरू हो गया है। उनका विभाग पूरी तरह से सतर्क है। टीमें मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय दौरे कर रही हैं। लोगों को पानी में क्लोरीन मिलाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
डेंगू और मलेरिया से बचाव
पूरे जिले में डेंगू और मलेरिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के सिर्फ नौ मामले सामने आए हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज ठीक भी हो चुके हैं। मन्हास ने कहा कि हमें अपने आसपास रुका हुआ पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर का पानी रोज बदलना चाहिए, क्योंकि दो-तीन दिन में मच्छर के लार्वा पनप सकते हैं।
पूरे जिले में डेंगू और मलेरिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के सिर्फ नौ मामले सामने आए हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज ठीक भी हो चुके हैं। मन्हास ने कहा कि हमें अपने आसपास रुका हुआ पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर का पानी रोज बदलना चाहिए, क्योंकि दो-तीन दिन में मच्छर के लार्वा पनप सकते हैं।
सैकड़ों वाहन लापता
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजोरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोगों में चिंता का माहौल है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि यहां भारी नुकसान हुआ है। करीब 200 से 250 वाहन लापता हो गए हैं। यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। बस स्टैंड का तो अब कोई निशान तक नहीं बचा है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजोरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोगों में चिंता का माहौल है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि यहां भारी नुकसान हुआ है। करीब 200 से 250 वाहन लापता हो गए हैं। यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। बस स्टैंड का तो अब कोई निशान तक नहीं बचा है।
पुंछ में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 4 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में रविवार तड़के हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई अन्य लोग अब भी लापता हैं। सभी मौतें सबसे अधिक प्रभावित सुरनकोट तहसील में हुई हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को मौके पर तैनात कर दिया है और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने, प्रभावित क्षेत्रों को साफ करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने का कार्य तेज कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं।
अधिकारियों के अनुसार, नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को घायल अवस्था में मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोअर मुर्रा क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में एक अन्य मकान आ गया। इस हादसे में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य लापता हो गए। समाचार लिखे जाने तक उनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी था। वहीं, मरहोट इलाके में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में डूब गई। इसके अलावा धुंदक लाथूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में रविवार तड़के हुई भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई अन्य लोग अब भी लापता हैं। सभी मौतें सबसे अधिक प्रभावित सुरनकोट तहसील में हुई हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को मौके पर तैनात कर दिया है और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने, प्रभावित क्षेत्रों को साफ करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने का कार्य तेज कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं।
अधिकारियों के अनुसार, नूनाबंदी गांव में मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को घायल अवस्था में मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोअर मुर्रा क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में एक अन्य मकान आ गया। इस हादसे में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य लापता हो गए। समाचार लिखे जाने तक उनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी था। वहीं, मरहोट इलाके में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में डूब गई। इसके अलावा धुंदक लाथूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया।