Jammu Kashmir: ईरान-अमेरिका युद्ध का असर जम्मू-कश्मीर तक, दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे और रिंग रोड का काम अटका
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण बिटुमेन की सप्लाई प्रभावित होने से जम्मू-कश्मीर में कई सड़क निर्माण और विकास परियोजनाएं ठप पड़ गई हैं। डामर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और रिफाइनरियों से सप्लाई बाधित होने के कारण एनएचएआई, पीएमजीएसवाई और अन्य प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी हो गई है।
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ईरान-अमेरिका युद्ध का असर 3500 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर में सड़क परियोजनाओं पर पड़ रहा है। युद्ध से बिटुमेन (डामर) की सप्लाई प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और दिल्ली कटड़ा एक्सप्रेस वे का काम धीमा हो गया है। प्रदेश भर में पीडब्ल्यूडी के छोटे और बड़े प्रोजेक्ट ठप हो गए हैं। बिटुमेन के दाम ढाई गुणा तक बढ़ गए हैं। युद्ध से पहले प्रदेश में बिटुमेन की सप्लाई 40 रुपये के हिसाब से हो रही थी, जो अब बढ़कर 104 रुपये किलोग्राम हो गई है। जिन ठेकेदारों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 40 रुपये के रेट पर टेंडर भरे थे अब वे काम शुरू नहीं कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर में बिटुमेन की सप्लाई मथुरा, पानीपत और बिहार से होती है। इनमें पानीपत की रिफाइनरी ईरान-अमेरिका-इस्राइल युद्ध के बाद बंद है। मथुरा रिफाइनरी में 15 से 25 दिन की वेटिंग चल रही है। यहां से आर्डर मंगवाने पर एक महीने में एक बार ही सप्लाई हो पा रही है। इन दोनों रिफाइनरी की वजह से जरूरत और सप्लाई के बीच 70 फीसदी से ज्यादा का अंतर आ गया है। इस समय 30 फीसदी सप्लाई बिहार से पूरी हो रही है। एनएचएआई ने दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे और जम्मू रिंग रोड का निर्माण अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। सामग्री उपलब्ध न होने का असर निर्माण की गति पर पड़ रहा है।
इसके अलावा अमरनाथ यात्रा से पहले की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं। एनएचएआई ने जम्मू-श्रीनगर के बीच नेशनल हाईवे के प्रभावित हिस्से की मरम्मत शुरू की है और इसे पूरा करने के लिए 30 जून से पहले का समय तय किया गया था। इस समय उधमपुर के हिस्से में काम जारी है और इसे पूरा करने के लिए बिटुमेन के आने का इंतजार करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय परियोजनाओं के अलावा प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
पहले ऑर्डर देते ही सप्लाई मिल जाती थी
युद्ध से पहले बिटुमेन की सप्लाई निरंतर जारी थी। जितना ऑर्डर करो, उतनी सप्लाई मिल जाती थी। लेकिन अब सप्लाई प्रभावित हुई है और लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे नेशनल हाईवे की विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। -इश गुप्ता, प्रबंधक एनएचएआई
कहीं धीमा तो कहीं काम ठप
बिटुमेन के दाम बढ़ने से जिन ठेकेदारों ने कम रेट पर टेंडर भरे हैं उनका काम प्रभावित हो रहा है। पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई पर युद्ध का असर पड़ा है। इससे जिन कार्याें को शुरू कर दिया गया था वे अब या तो धीमे हो गए हैं। -पुरषोतम कुमार, मुख्य अभियंता