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Jammu News: बुआ दाती देव स्थान पर माथा टेककर सुख समृद्धि की कामना की
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अखनूर। चौकी चौरा क्षेत्र के गांव बसावा स्थित बुआ दाती देव स्थान पर बराल ब्राह्मण बिरादरी का अर्धवार्षिक मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
मेले की शुरुआत वीरवार रात्रि से ही हो गई थी। श्रद्धालुओं का देवस्थान पर पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। महिलाओं द्वारा किए गए सत्संग ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर शिव कुमार रैना मुख्य अतिथि, डॉ. नसीब सिंह मन्हास विशेष अतिथि तथा ज्योतिष आचार्य पंडित शिव राणा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बंटी माता की गरिमामयी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। डॉ. नसीब सिंह मन्हास ने डोगरी भाषा में रामायण का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया। इसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। वहीं बंटी माता जी के सत्संग ने जनसमूह को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
मेले के दौरान देव स्थान परिसर में लगे बाजार में श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी का आनंद लिया। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
बराल बिरादरी के प्रधान मंगल बराल ने बताया कि मेले की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से अधिक रही। उन्होंने कहा कि यह पवित्र देव स्थान आस्था का केंद्र है। यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूर्ण होती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने का माध्यम बताया।
इस मौके पर बराल बिरादरी के उन मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल किए। मेले के समापन पर श्रद्धालुओं ने बुआ दाती के समक्ष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनकर उभरा।
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मेले की शुरुआत वीरवार रात्रि से ही हो गई थी। श्रद्धालुओं का देवस्थान पर पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। महिलाओं द्वारा किए गए सत्संग ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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इस अवसर पर शिव कुमार रैना मुख्य अतिथि, डॉ. नसीब सिंह मन्हास विशेष अतिथि तथा ज्योतिष आचार्य पंडित शिव राणा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बंटी माता की गरिमामयी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। डॉ. नसीब सिंह मन्हास ने डोगरी भाषा में रामायण का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया। इसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। वहीं बंटी माता जी के सत्संग ने जनसमूह को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया।
मेले के दौरान देव स्थान परिसर में लगे बाजार में श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी का आनंद लिया। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
बराल बिरादरी के प्रधान मंगल बराल ने बताया कि मेले की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से अधिक रही। उन्होंने कहा कि यह पवित्र देव स्थान आस्था का केंद्र है। यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूर्ण होती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने का माध्यम बताया।
इस मौके पर बराल बिरादरी के उन मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल किए। मेले के समापन पर श्रद्धालुओं ने बुआ दाती के समक्ष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनकर उभरा।
