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Jammu News: गेहूं की कटाई के बाद पराली जलाई तो होगी कार्रवाई
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ज्यौड़ियां। जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किया गया है कि गेहूं कटाई के बाद पराली को आग लगाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इससे से गंभीर पर्यावरण प्रदूषण होता है। मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा होता है। प्रशासन की तरफ से कहा गया कि पूरे जम्मू जिले में गेहूं की कटाई के बाद फसल अवशेष (पराली) जलाना सख्त वर्जित है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं जैसे कि मल्चिंग, कंपोस्टिंग और हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस आदि जैसी मशीनरी का उपयोग करें।
इस संबंध में कृषि उत्पादन विभाग जागरूकता अभियान भी चलाएगा। टिकाऊ अवशेष प्रबंधन प्रथाओं के संबंध में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। राजस्व, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण और कृषि विभाग संयुक्त रूप से स्थिति की निगरानी करेंगे और इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।
इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन पर कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाना और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल है। सभी अतिरिक्त उपायुक्तों/उपमंडलीय मजिस्ट्रेटों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
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प्रशासन का कहना है कि इससे से गंभीर पर्यावरण प्रदूषण होता है। मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा होता है। प्रशासन की तरफ से कहा गया कि पूरे जम्मू जिले में गेहूं की कटाई के बाद फसल अवशेष (पराली) जलाना सख्त वर्जित है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं जैसे कि मल्चिंग, कंपोस्टिंग और हैप्पी सीडर, सुपर एसएमएस आदि जैसी मशीनरी का उपयोग करें।
इस संबंध में कृषि उत्पादन विभाग जागरूकता अभियान भी चलाएगा। टिकाऊ अवशेष प्रबंधन प्रथाओं के संबंध में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। राजस्व, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण और कृषि विभाग संयुक्त रूप से स्थिति की निगरानी करेंगे और इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।
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इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन पर कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाना और अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल है। सभी अतिरिक्त उपायुक्तों/उपमंडलीय मजिस्ट्रेटों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
