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Jammu News: डुंगी ब्लॉक में सड़क परियोजना का निर्माण कार्य विरोध के चलते बंद
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राजोरी। जिले के डुंगी ब्लॉक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे एक सड़क परियोजना का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ठप हो गया है।
ग्रामीणों ने कार्यकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चल्लास गांव को नियंत्रण रेखा के जीरो पॉइंट के पास स्थित राठल से जोड़ने के लिए प्रस्तावित 13 किलोमीटर लंबी इस सड़क का उद्घाटन फरवरी में सांसद मियां अल्ताफ अहमद द्वारा किया गया था। करीब 29 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना सीमा क्षेत्र में पिछले सात दशक से लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रारंभिक अर्थवर्क के बावजूद निर्माण कार्य मूल सर्वेक्षण और स्वीकृत एलाइनमेंट के अनुसार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि मार्ग को जानबूझकर बदलकर एक जूनियर इंजीनियर को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इनका घर पहले से ही लोक निर्माण विभाग की सड़क से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगो के अनुसार संशोधित एलाइनमेंट सड़क को इंजीनियर के घर की ओर मोड़ता है। इससे गांव के उस केंद्रीय हिस्से को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे मूल योजना में दोनों ओर के निवासियों को समान रूप से जोड़ने के लिए शामिल किया गया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का निर्माण मूल सर्वेक्षण के अनुसार गांव के बीच से ही किया जाए ताकि इसका लाभ पूरे गांव को मिल सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य स्वीकृतियों के लिए फर्जी हस्ताक्षर लेकर धोखाधड़ीपूर्ण सर्वेक्षण किया गया है।
बढ़ते असंतोष के बीच ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करवा दिया है और मौके पर जेसीबी मशीनों को रोक दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, जिम्मेदारी तय करने और परियोजना को मूल योजना के अनुसार लागू करने की अपील की है ताकि इसका लाभ व्यापक जनसंख्या तक पहुंच सके। वहीं इस संबंध मे जब विभाग के एक्सईएन से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि संबंधित एई से इसकी रिपोर्ट मांगी है और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों ने कार्यकारी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। चल्लास गांव को नियंत्रण रेखा के जीरो पॉइंट के पास स्थित राठल से जोड़ने के लिए प्रस्तावित 13 किलोमीटर लंबी इस सड़क का उद्घाटन फरवरी में सांसद मियां अल्ताफ अहमद द्वारा किया गया था। करीब 29 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना सीमा क्षेत्र में पिछले सात दशक से लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही थी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रारंभिक अर्थवर्क के बावजूद निर्माण कार्य मूल सर्वेक्षण और स्वीकृत एलाइनमेंट के अनुसार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि मार्ग को जानबूझकर बदलकर एक जूनियर इंजीनियर को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इनका घर पहले से ही लोक निर्माण विभाग की सड़क से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगो के अनुसार संशोधित एलाइनमेंट सड़क को इंजीनियर के घर की ओर मोड़ता है। इससे गांव के उस केंद्रीय हिस्से को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे मूल योजना में दोनों ओर के निवासियों को समान रूप से जोड़ने के लिए शामिल किया गया था। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का निर्माण मूल सर्वेक्षण के अनुसार गांव के बीच से ही किया जाए ताकि इसका लाभ पूरे गांव को मिल सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि भूमि अधिग्रहण और अन्य स्वीकृतियों के लिए फर्जी हस्ताक्षर लेकर धोखाधड़ीपूर्ण सर्वेक्षण किया गया है।
बढ़ते असंतोष के बीच ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करवा दिया है और मौके पर जेसीबी मशीनों को रोक दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, जिम्मेदारी तय करने और परियोजना को मूल योजना के अनुसार लागू करने की अपील की है ताकि इसका लाभ व्यापक जनसंख्या तक पहुंच सके। वहीं इस संबंध मे जब विभाग के एक्सईएन से सम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि संबंधित एई से इसकी रिपोर्ट मांगी है और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
