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Jammu News: पुरमंडल में फसलों को बर्बाद कर रहे बंदर, अब सड़कों पर भी बढ़ा आतंक
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पुरमंडल। क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे आम जनजीवन और किसानों की आजीविका दोनों प्रभावित हो रही हैं। पहले जहां बंदर केवल खेतों और बागानों तक सीमित थे वहीं अब ये सैकड़ों की संख्या में झुंड बनाकर सड़कों पर भी खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीणों में भय का माहौल है बल्कि सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गेहूं, सरसों, सब्जियों और अन्य फसलों को तैयार होने से पहले ही ये नष्ट कर देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर की मेहनत कुछ ही समय में बंदरों के झुंड द्वारा बर्बाद कर दी जाती है।
स्थिति अब और गंभीर तब हो गई है जब बंदरों के झुंड गांव की सड़कों और मुख्य मार्गों पर भी दिखाई देने लगे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय ये झुंड सड़कों पर बैठ जाते हैं। इससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। अकेले गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह एक बड़ा खतरा बन चुका है। कई बार बंदर अचानक सड़क पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार बंदर राह चलते लोगों पर हमला भी कर देते हैं और उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से इनके डर से परेशान हैं। स्कूल जाने वाले छात्र भी अब अकेले निकलने से कतराने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि वन विभाग द्वारा बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए या उनके लिए जंगलों में पर्याप्त भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए ताकि वे आबादी वाले क्षेत्रों में न आएं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी भयावह रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गेहूं, सरसों, सब्जियों और अन्य फसलों को तैयार होने से पहले ही ये नष्ट कर देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर की मेहनत कुछ ही समय में बंदरों के झुंड द्वारा बर्बाद कर दी जाती है।
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स्थिति अब और गंभीर तब हो गई है जब बंदरों के झुंड गांव की सड़कों और मुख्य मार्गों पर भी दिखाई देने लगे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय ये झुंड सड़कों पर बैठ जाते हैं। इससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। अकेले गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह एक बड़ा खतरा बन चुका है। कई बार बंदर अचानक सड़क पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार बंदर राह चलते लोगों पर हमला भी कर देते हैं और उनके हाथों से सामान छीन लेते हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग विशेष रूप से इनके डर से परेशान हैं। स्कूल जाने वाले छात्र भी अब अकेले निकलने से कतराने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि वन विभाग द्वारा बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाए या उनके लिए जंगलों में पर्याप्त भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए ताकि वे आबादी वाले क्षेत्रों में न आएं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी भयावह रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है।
