तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: लाहू गुज्जर नेटवर्क पर बड़ा वार, दोनों पत्नियां और पिता समेत चार हिरासत में
कुख्यात तस्कर लाहू गुज्जर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करते हुए उसकी दोनों पत्नियों, पिता और साले समेत चार लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस तस्करी से जुड़े ठिकानों और अवैध कमाई के निवेश के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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कुख्यात नशा और मवेशी तस्कर लाहू गुज्जर के नेटवर्क को ध्वस्त करने की मुहिम पुलिस ने और तेज कर दी है। सोमवार तड़के उसकी दोनों पत्नियों और पिता समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया। लाहू की गिरफ्तारी के बाद से उसके सहयोगी पुलिस से बचते फिर रहे थे।
पुलिस रिमांड में लाहू से पूछताछ में उसके कई ठिकानों का पता चला है। सोमवार को आरएस पुरा, मीरां साहिब, बिश्नाह और अरनिया पुलिस थानों की टीमों ने बाड़ी ब्राह्मणा के सरोर और बिश्नाह के वजीरू चक में दबिश दी।
इस दाैरान पुलिस ने लाहू की पत्नी रोशी व मान्ना, पिता बशीर अहमद और साले शम्सदीन को हिरासत में लिया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है कि नशा और मवेशी तस्करी से हासिल किए पैसे को कहां-कहां निवेश किया है।
चार अप्रैल को लाहू गुज्जर की गिरफ्तारी के बाद उसके गुर्गों और नेटवर्क में शामिल करीबियों पर कार्रवाई लगातार जारी है। बीते शनिवार जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने बिश्नाह के पंडोरियां क्षेत्र के काला इलाके से उसके करीबी रिश्तेदार फारूक अली को पकड़ा था।
लाहू के अंडरग्राउंड होने पर उसके करीबी और गुर्गे इस नेटवर्क को संभालते थे। इसके बाद रविवार को एसओजी ने घरोटा और अखनूर पुलिस टीम के साथ अम्बारां इलाके में दबिश दी थी। इसमें महिला समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था।
लाहू की आठ दिन और बढ़ी पुलिस रिमांड
लाहू गुज्जर की पुलिस रिमांड आठ दिन और बढ़ गई है। सोमवार को मीरां साहिब पुलिस ने उसे आरएस पुरा के मुंसिफ कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय संपर्कों को खंगालने के लिए आठ दिन की रिमांड मांगी जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ जारी रखेगी। इससे पहले सात दिन की रिमांड मिली थी।
दूध के कारोबार से नशा तस्करी में कूदा, परिवार को भी ले डूबा लाहू
कभी दूध बेचकर इज्जत की रोटी कमाने वाला लाहू आज सलाखों के पीछे है। काली कमाई की भूख ने उसके पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। लाहू ने न केवल खुद का भविष्य अंधकार में डाला बल्कि अपने साथ रिश्तेदारों को भी पुलिस के शिकंजे में घसीट लिया। साथ ही दूसरों के घर भी बर्बाद किए।
सोमवार को पुलिस ने उसकी पत्नी रोशी व मान्ना, पिता बशीर अहमद और साले शम्सदीन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। एक दिन पहले लाहू के साले फारूक अली को गिरफ्तार किया था। लाहू का परिवार शुरुआत में दूध कारोबारी के रूप में पहचाना जाता था। इसी काम से उसके परिवार का पालन-पोषण होता था। अमीर बनने की चाहत में लाहू ने दूध की आड़ में तस्करी और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। देखते ही देखते उसने एक ऐसा आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया जिसकी जड़ें काफी गहरी हैं।
पकड़े जाने के बाद लाहू का साम्राज्य ढह गया है। जांच में पुलिस को चौंकाने वाले सुराग मिले जिनसे पता चला कि इस अवैध धंधे में लाहू अकेला नहीं था। उसने अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को भी हिस्सा बना रखा था।
काली कमाई से अर्जित संपत्तियों का पता लगा रही पुलिस
मवेशी और नशा तस्करी की काली कमाई से अर्जित की गई संपत्तियों के बारे में पुलिस पता लगा रही है। अब तक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि दबिश पर लाहू अंडरग्राउंड हो जाता था। ऐसे में उसके करीबी रिश्तेदार व गुर्गे पूरा नेटवर्क संभालते और लेनदेन का हिसाब रखते थे। चार अप्रैल को लाहू की गिरफ्तारी के बाद उसके गुर्गों और नेटवर्क में शामिल करीबियों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।
