लोकसभा चुनाव: कश्मीरी विस्थापितों के लिए जम्मू, उधमपुर और नई दिल्ली में 26 विशेष मतदान केंद्र स्थापित
ईसीआई ने कश्मीरी विस्थापितों के मतदान के लिए एक व्यापक योजना की अधिसूचना जारी की है। तीसरे चरण में 7 मई को अनंतनाग-राजोरी, चौथे चरण में 15 मई को श्रीनगर और 20 मई को पांचवें चरण में बारामुला संसदीय सीट पर मतदान होना है।
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देशभर में कश्मीरी विस्थापितों को आगामी लोकसभा चुनाव में डाक मतपत्रों और जम्मू, उधमपुर व नई दिल्ली में स्थापित विशेष मतदान केंद्रों के माध्यम से मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह सुविधा बारामूला, श्रीनगर और अनंतनाग-राजोरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के उन सभी मतदाताओं के लिए है, जो पलायन करके अस्थायी रूप से विभिन्न स्थानों पर रह रहे हैं।
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कश्मीरी विस्थापितों के मतदान के लिए एक व्यापक योजना की अधिसूचना जारी की है। तीसरे चरण में 7 मई को अनंतनाग-राजोरी, चौथे चरण में 15 मई को श्रीनगर और 20 मई को पांचवें चरण में बारामुला संसदीय सीट पर मतदान होना है।
चुनाव आयोग ने कश्मीरी प्रवासियों को निर्दिष्ट और अधिसूचित निर्वाचक के रूप में वर्गीकृत करते हुए दो अधिसूचनाएं जारी की हैं। पहली अधिसूचना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 25 के साथ पढ़े गए संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आयोग में निहित शक्तियों के तहत जारी की गई है, जो कश्मीर घाटी के विस्थापित मतदाताओं को निर्दिष्ट करती है जो किसी भी संसदीय में नामांकित हैं।
बारामूला, श्रीनगर और अनंतनाग-राजोरी के निर्वाचन क्षेत्र के कश्मीरी जो अपने सामान्य निवास स्थान से बाहर रह रहे हैं (उन लोगों के अलावा जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 60 के खंड (सी) के तहत डाक मतपत्र का विकल्प चुनते हैं) के लिए लोकसभा में संबंधित संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की क्षेत्रीय सीमाओं के बाहर विशेष मतदान केंद्र में मतदान करेंगे। इसी तरह अन्य अधिसूचना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60 (सी) के तहत डाक मतपत्रों द्वारा अपना वोट देने की सुविधा होगी।
सहायक रिटर्निंग अधिकारी और एआरओ नियुक्त
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के निर्दिष्ट और अधिसूचित वर्ग से संबंधित काम में उक्त तीन संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों की सहायता के लिए चार सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) को अधिसूचित किया है। इनमें सहायक आयुक्त, राहत (प्रवासी), जम्मू, सहायक आयुक्त, पंचायत, उधमपुर, उप निदेशक, बागवानी, योजना और विपणन, दिल्ली और उप सचिव कार्यालय में रेजिडेंट कमिश्नर, नई दिल्ली शामिल हैं।
कार्यात्मक रूप से राहत और पुनर्वास आयुक्त, जम्मू के कार्यालय में तैनात सहायक आयुक्त, राहत (विस्थापित), जम्मू को उन मतदाताओं से आवेदन प्राप्त करने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जम्मू में विशेष मतदान केंद्रों पर मतदान करने के साथ पोस्टल बैलेट जारी करने के लिए भी जिम्मेदार एआरओ की होगी। इसी तरह उप निदेशक, बागवानी, योजना एवं विपणन, दिल्ली और उप सचिव, रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय, नई दिल्ली को विशेष मतदान केंद्रों पर आवेदन प्राप्त करने, मतदान के संचालन आदि के लिए एआरओ के रूप में नियुक्त किया जाता है। इसमें दिल्ली में विशेष मतदान केंद्र स्थापित होंगे। उधमपुर में विशेष मतदान केंद्र के संबंध में कलेक्टर, उत्तर रेलवे, उधमपुर को एआरओ नियुक्त किया गया है।
विस्थापित मतदाता एम-फॉर्म और 12सी का प्रयोग करेंगे
लोकसभा के आम चुनाव - 2024 के लिए विस्थापित मतदाता किसी भी विशेष मतदान केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से मतदान करने के लिए फॉर्म एम या डाक मतपत्र का उपयोग करने के लिए फॉर्म 12 सी को संबंधित अधिकारी को भेजेंगे। सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मतदान के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग मतदान की तारीख से 10 दिन पहले या उससे पहले पहुंचना होगा। कश्मीरी विस्थापित मतदाता जो दिल्ली, जम्मू और उधमपुर के विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे हैं और जो आगामी लोकसभा आम चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से अपना वोट डालने का विकल्प चुनते हैं, वे इनमें से किसी एक पर ऐसा कर सकते हैं।