24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए यासीन मलिक, महबूबा मुफ्ती ने की रिहाई की मांग
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दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में गिरफ्तार अलगाववादी नेता यासीन मलिक को 24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। तिहाड़ जेल अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मलिक को पेश करने का निर्देश देने की मांग की है। कोर्ट ने इस पर बचाव पक्ष के वकील से जवाब मांगा है।
Delhi's Patiala House Court sends Yasin Malik to judicial custody till May 24. Tihar jail authorities also moved application seeking direction to produce Malik through video conferencing due to security concerns. Court sought reply of Defence Counsel. (file pic) pic.twitter.com/Q3JGr1RtgR
विज्ञापन— ANI (@ANI) April 24, 2019विज्ञापन
जम्मू कश्मीर की पू्र्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने यासीन मलिक को न्यायिक हिरासत में भेजने के फैसले की खिलाफत की है। महबूबा मुफ्ती ने यासीन मलिक के गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर उन्हें तत्काल प्रभाव से रिहा करने की अपील की है। इसके अलावा महबूबा ने जमात-ए-इस्लामी के अन्य सदस्यों को भी रिहा करने की मांग की।
Mehbooba Mufti, PDP in Pulwama: Yasin Malik (Kashmiri Separatist) should be released immediately as he is really unwell. Also other members of Jamaat-e-Islami should be released. Sadhvi Pragya on whom there are several serious accusations, has been set free. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/c1h02Y8vea
— ANI (@ANI) April 24, 2019
बता दें कि अलगाववादियों और आतंकी संगठनों को वित्तीय मदद मुहैया कराने संबंधी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए गए मलिक ने 19 अप्रैल को सीने में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें मेडिकल जांच के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया और नियमित जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी। उसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं।

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