ऑपरेशन त्राशी सफल: न दिन देखा न रात, आतंकी सैफुल्लाह को उड़ाने के बाद जवानों का जोश हाई, लगे बजरंगबली के नारे
किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को 36 दिन की घेराबंदी के बाद मार गिराया। इस बड़ी सफलता के बाद 26 आरआर के जवानों ने बजरंगबली और अपनी बटालियन के जयकारों के साथ जश्न मनाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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किश्तवाड़ जिले के घने जंगलों के लंबे समय से चकमा दे रहे जैश-ए-मोहम्मद के टाॅप पाकिस्तानी आतंकी कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों के खात्मे से जवानों का जोश हाई है। हो भी क्यों न...सुरक्षाबलों के लिए ये एक बड़ी कामयाबी है। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद उत्साह और जोश से भरे जवानों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें जवान अपनी बटालियन 26 आरआर और बजरंगबली के जयकारे लगाते दिखाई दे रहे हैं।
आतंकी कमांडर सैफुल्लाह सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों में शामिल रहा था। 2024 में चार और 2025 में तीन मुठभेड़ों में सैफुल्लाह भागने में कामयाब रहा। उसे मार गिराने के लिए सेना ने सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर 14 जनवरी से ऑपरेशन त्राशी-1 शुरू किया था। पिछले 36 दिन से जवान उसका घने जंगलों में पीछा कर रहे थे। रविवार को उसे और उसके साथियों को ढेर कर दिया गया।
ऑपरेशन त्राशी-1 की सफलता के पलों को जवानों ने खुले मन से साझा किया। इन पलों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। सोशल मीडिया यूजर इसे खूब देखे और शेयर कर रहे हैं। वीडियो में 26 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के जवानों को एक घेरे में खड़े होकर पूरे जोश के साथ अपनी रेजिमेंट के युद्धघोष लगाते देखा जा सकता है। जवान एक सुर में जयकारे लगा रहे हैं...26 आरआर जिंदाबाद ...बजरंगबली की जय ...जय कालिका माता। बता दें कि कालिका माता की जय राष्ट्रीय राइफल्स की कुमाऊं रेजिमेंट का पारंपरिक युद्धघोष है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि जवानों के चेहरे पर चमक है और हाथों में हथियार। सीना हाैसले से भरा है और सिर गर्व से ऊंचा।
जवानों ने न दिन देखा और न रात
इन जयकारों के बीच जवानों की बहादुरी की गाथा भी साफ शब्दों में सुनी जा सकती है। एक जवान कहते सुनाई दे रहा है कि इस ऑपरेशन में आतंकियों को मार गिराने के लिए 'वर्दी में हमारे जवानों ने न दिन देखा और न रात। न खाने की चिंता की और न पानी की।' यानी जवान के कहने का भाव था कि लक्ष्य एक था आतंकियों को मार गिराना।