दो साल से डल झील की सफाई कर रही सात वर्षीय जन्नत की कहानी, प्रधानमंत्री दे चुके हैं शाबाशी
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डल झील इलाके में रहने वाली जन्नत दूसरी कक्षा में पढ़ती है। पढ़ाई के बाद जो वक्त बचता है उसमें अपने पिता के साथ रोजाना डल झील से कचरा साफ करती है और दूसरों को भी प्रेरित करती है। जन्नत अपने नाम की तरह कश्मीर को जन्नत बनाने का सपना रखती है और इसके लिए पिछले दो वर्षों से जुटी हुई है।
जन्नत का कहना है कि उसे खुशी है कि उसका नाम और काम किताब में शामिल किया गया है। उसे अपने पिता से स्वच्छता की प्रेरणा मिली है। उसने कहा कि वह डल झील को वैसे ही साफ देखना चाहती है, जैसे वह पहले हुआ करती थी। जन्नत के अनुसार वह एक वैज्ञानिक बना चाहती है।
वहीं जन्नत के पिता तारिक अहमद ने बताया कि उन्हें उनके मित्र ने हैदराबाद से फोन करके इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन्नत का बचपन से ही स्वच्छता की ओर ध्यान है। छोटी उम्र से ही मुझसे सवाल करती थी कि डल झील में लोग कचरा क्यों डालते हैं। दो साल से रोजाना मेरे साथ झील की सफाई करती है।
बता दें कि जन्नत के काम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहा था। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर जन्नत को शाबाशी दी थी और मन की बात कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान को लेकर उसका उदाहरण भी दिया था।