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Jammu News: बड़याल ब्राह्मण में करंट से अस्थाई कर्मी की मौत
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- 11 केवी लाइन को ठीक करने चढ़ा था खंभे पर, करंट लगने से गिरा, जीएमसी में मृतक घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। बिजली कारपोरेशन में अस्थाई तौर पर रखे गए एक कर्मचारी की गांव बड़याल ब्राह्मण क्षेत्र में 11केवी लाइन को ठीक करते समय करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मंजूर अहमद निवासी आरएस पुरा के रूप में हुई है। वह 35 साल का था। कारपोरेशन में 2014 में रखा गया था। इसके बाद से विभागीय पोर्टल से न जुड़ पाने के कारण मानदेय नहीं मिल रहा था। अब कर्मचारी को डेलीवेजर बनाने के लिए दस्तावेज एक्सइएन कार्यालय भेजे गए थे। बताया जा रहा है कि 11केवी लाइन में तकनीकी खराबी आई थी। इसे ठीक करने के लिए शेड डाउन लिया गया। जैसे ही शेड डाउन का संदेश आया तो वह तारों को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ गया। उसने जैसे ही कंडक्टर को छूआ तो उसे करंट लगा और नीचे गिर गया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने कारपोरेशन को सूचित किया और उसे उपजिला अस्पताल आरएस पुरा में पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। जीएमसी जम्मू में डॉक्टरों ने जांचकर मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंजूर अहमद बेहद नेक और मिलनसार व्यक्ति थे, जो हमेशा सेवा भावना के साथ लोगों के बिजली संबंधी कार्यों में सहयोग करते थे। उनकी असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख है।
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बिना मानदेय कर रहा था काम, डेलीवेजर के भेजे थे दस्तावेज
ग्रामीणों ने सरकार और बिजली कारपोरेशन से मांग की है कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। वह बिना मानदेय काम कर रहा था। डेलीवेजर के लिए दस्तावेज एक्सइएन कार्यालय भेजे गए थे।
पत्नी, पांच बच्चे पीछे छोड़ गया
मंजूर अहमद के निधन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। शाम को मंजूर अहमद के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा गया। आरएस पुरा पुलिस मामला दर्ज कर इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। मंजूर अपने पीछे पत्नी सहित पांच बच्चों को छोड़ गया है। बड़ा बेटा नौ वर्ष का है।
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120 से ज्यादा हो चुकी हैं मौतें
अभी तक 120 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। हर साल औसतन तीन से चार कर्मचारी करंट से मर रहे हैं। करंट लगने का कारण सुरक्षा किट न होना भी है। कर्मचारी बरसात के मौसम में नंगे हाथों से ही काम करते हैं। इस कारण भी मौत हो जा रही है।
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112 से ज्यादा कर्मचारी हो चुके अपंग
करंट लगने के कारण 112 से ज्यादा कर्मचारी अपंग हो चुके हैं। कुछ कर्मचारियों के हाथ करंट लगने के बाद काटे गए हैं। कुछ कर्मचारियों का करंट के बाद शरीर काम नहीं करता। इन कर्मचारियों को अभी तक मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
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मैसेज शेड डाउन का, काम शुरू करते हैं लग जाता करंट
शेड डाउन के लिए तकनीकी खराबी वाली जगह से कंट्रोल रूम में मैसेज भेजा जाता है। कंट्रोल रूम से बिजली बंद होने का संदेश आता है। मगर, जैसे ही काम शुरू होता है तो करंट लग जाता है।
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परिवार के एक सदस्य को मिले नौकरी
जीएमसी में मृतक के भाई ने कहा है कि उसके भाई के पांच बच्चे हैं। परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाए। घर का खर्चा उसका भाई चला रहा था। अब परिवार के पालन पोषण करने में परेशानी आएगी। मामले में न्याय मिलना चाहिए। कैसे करंट लगा है। इस पर जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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कोट
आरएस पुरा के रहने वाले एक कर्मचारी को करंट लगा है। जीएमसी में उसे मृत घोषित किया गया है। 11केवी लाइन को ठीक करने गया था।
- सरदारी लाल, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
इस तरह हो रहा बिजली कारपोरेशन का काम उठ रहे सवाल
- कारपोरेशन ने दिसंबर 2014 में रखे कर्मचारियों से काम लिया, रिकार्ड में नाम नहीं चढ़ा।
- रिकार्ड में न होने पर कर्मचारी को नहीं मिलेगा कोई भी लाभ, परिवार चलाना होगा मुश्किल
- कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नहीं है कोई सुरक्षा किट, नंगे हाथों काम करने पर लगता है करंट
- कर्मचारी आरएसपुरा में तैनात लाइनमैन के साथ कर रहा था काम, बिजली ठीक करने का नहीं था पता
- ट्रांसफार्मरों, तारों की मरम्मत के लिए ट्रेड स्टाफ की जरूरत, अस्थाई कर्मचारी नहीं कर सकते हैं काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। बिजली कारपोरेशन में अस्थाई तौर पर रखे गए एक कर्मचारी की गांव बड़याल ब्राह्मण क्षेत्र में 11केवी लाइन को ठीक करते समय करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मंजूर अहमद निवासी आरएस पुरा के रूप में हुई है। वह 35 साल का था। कारपोरेशन में 2014 में रखा गया था। इसके बाद से विभागीय पोर्टल से न जुड़ पाने के कारण मानदेय नहीं मिल रहा था। अब कर्मचारी को डेलीवेजर बनाने के लिए दस्तावेज एक्सइएन कार्यालय भेजे गए थे। बताया जा रहा है कि 11केवी लाइन में तकनीकी खराबी आई थी। इसे ठीक करने के लिए शेड डाउन लिया गया। जैसे ही शेड डाउन का संदेश आया तो वह तारों को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ गया। उसने जैसे ही कंडक्टर को छूआ तो उसे करंट लगा और नीचे गिर गया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों ने कारपोरेशन को सूचित किया और उसे उपजिला अस्पताल आरएस पुरा में पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। जीएमसी जम्मू में डॉक्टरों ने जांचकर मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि मंजूर अहमद बेहद नेक और मिलनसार व्यक्ति थे, जो हमेशा सेवा भावना के साथ लोगों के बिजली संबंधी कार्यों में सहयोग करते थे। उनकी असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख है।
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बिना मानदेय कर रहा था काम, डेलीवेजर के भेजे थे दस्तावेज
ग्रामीणों ने सरकार और बिजली कारपोरेशन से मांग की है कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। वह बिना मानदेय काम कर रहा था। डेलीवेजर के लिए दस्तावेज एक्सइएन कार्यालय भेजे गए थे।
पत्नी, पांच बच्चे पीछे छोड़ गया
मंजूर अहमद के निधन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। शाम को मंजूर अहमद के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा गया। आरएस पुरा पुलिस मामला दर्ज कर इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। मंजूर अपने पीछे पत्नी सहित पांच बच्चों को छोड़ गया है। बड़ा बेटा नौ वर्ष का है।
120 से ज्यादा हो चुकी हैं मौतें
अभी तक 120 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। हर साल औसतन तीन से चार कर्मचारी करंट से मर रहे हैं। करंट लगने का कारण सुरक्षा किट न होना भी है। कर्मचारी बरसात के मौसम में नंगे हाथों से ही काम करते हैं। इस कारण भी मौत हो जा रही है।
112 से ज्यादा कर्मचारी हो चुके अपंग
करंट लगने के कारण 112 से ज्यादा कर्मचारी अपंग हो चुके हैं। कुछ कर्मचारियों के हाथ करंट लगने के बाद काटे गए हैं। कुछ कर्मचारियों का करंट के बाद शरीर काम नहीं करता। इन कर्मचारियों को अभी तक मुआवजा भी नहीं मिल पाया है।
मैसेज शेड डाउन का, काम शुरू करते हैं लग जाता करंट
शेड डाउन के लिए तकनीकी खराबी वाली जगह से कंट्रोल रूम में मैसेज भेजा जाता है। कंट्रोल रूम से बिजली बंद होने का संदेश आता है। मगर, जैसे ही काम शुरू होता है तो करंट लग जाता है।
परिवार के एक सदस्य को मिले नौकरी
जीएमसी में मृतक के भाई ने कहा है कि उसके भाई के पांच बच्चे हैं। परिवार से एक सदस्य को नौकरी दी जाए। घर का खर्चा उसका भाई चला रहा था। अब परिवार के पालन पोषण करने में परेशानी आएगी। मामले में न्याय मिलना चाहिए। कैसे करंट लगा है। इस पर जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कोट
आरएस पुरा के रहने वाले एक कर्मचारी को करंट लगा है। जीएमसी में उसे मृत घोषित किया गया है। 11केवी लाइन को ठीक करने गया था।
- सरदारी लाल, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
इस तरह हो रहा बिजली कारपोरेशन का काम उठ रहे सवाल
- कारपोरेशन ने दिसंबर 2014 में रखे कर्मचारियों से काम लिया, रिकार्ड में नाम नहीं चढ़ा।
- रिकार्ड में न होने पर कर्मचारी को नहीं मिलेगा कोई भी लाभ, परिवार चलाना होगा मुश्किल
- कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नहीं है कोई सुरक्षा किट, नंगे हाथों काम करने पर लगता है करंट
- कर्मचारी आरएसपुरा में तैनात लाइनमैन के साथ कर रहा था काम, बिजली ठीक करने का नहीं था पता
- ट्रांसफार्मरों, तारों की मरम्मत के लिए ट्रेड स्टाफ की जरूरत, अस्थाई कर्मचारी नहीं कर सकते हैं काम