Jammu Kashmir: आतंक की हर मूवमेंट पर नजर, जंगलों में अब नहीं मिलेगा ठिकाना, आतंकियों के खिलाफ लंबा ऑपरेशन शुरू
जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों ने नई रणनीति के तहत लंबे समय तक घेराबंदी और भीतर घुसकर कार्रवाई शुरू की है।
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जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां नई रणनीति के तहत अभियान चला रही हैं। अब लंबे समय तक इलाके की घेराबंदी और भीतर घुसकर कार्रवाई हो रही है। इससे आतंकियों की एक से दूसरे जिलों तक आवाजाही को रोका जा रहा है।
पिछले दिनों केंद्रीय गृह सचिव की बैठक में एजेंसियों को पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे आतंकियों की हर संभावित आवाजाही, सप्लाई लाइन और मददगार नेटवर्क को पूरी तरह काटने के बाद निर्णायक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार इस रणनीति के तहत मुठभेड़ स्थल और उसके आसपास वाले इलाकों को कई दिनों तक सख्त घेराबंदी में रखा जाएगा।
लगातार निगरानी, गश्त और तकनीकी इनपुट की मदद से आतंकियों की स्थिति व संख्या की पुष्टि की जाएगी। जम्मू संभाग में पिछले दो साल में हुई मुठभेड़ में आतंकी हर बार हमला करने के बाद घने जंगलों में भाग जाते थे। इन मुठभेड़ में सुरक्षाबलों का तो नुकसान होता था लेकिन आतंकी बचने में कामयाब रहते थे। साल के शुरुआत में बिलावर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की हर मूवमेंट पर लगातार नजर बनाई रखी। यही कारण रहा कि सुरक्षाबल आतंकी जुबैर को मार गिराने में कामयाब हो पाए। इस तरह की रणनीति को अपनाया जा रहा है ताकि आतंकियों को अब बचने में सफलता न मिल सके।
किश्तवाड़ में जल्द मारे जाएंगे आतंकी : पठानिया
सेवानिवित्त कर्नल सुशील पठानिया का कहना है कि सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़ में भी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। जंगल में छिपे आतंकी जल्द मारे जाएंगे। 18 जनवरी को सिंहपोरा में मुठभेड़ के बाद से तलाशी अभियान जारी है। सिंहपोरा में आतंकी ठिकाना नष्ट किया गया है। बर्फबारी व बारिश के बीच घने जंगलों को खंगाला जा रहा है। सुरक्षाबलों ने लगातार दबाव बनाया हुआ है।