तरुण चुघ से खास बातचीत: कश्मीर में गिरती साख, अंदरूनी कलह से जूझ रही नेकां सरकार, सिर्फ फीते काट रहे सीएम उमर
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने उमर अब्दुल्ला सरकार को पूरी तरह असफल बताते हुए कहा कि 18 महीने में एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं हुआ और सरकार सिर्फ फीते काटने तक सीमित है।
विस्तार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व जम्मू-कश्मीर के प्रभारी तरुण चुघ ने बजट सत्र से पहले प्रदेश की उमर अब्दुल्ला सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पूरी तरह से असफल करार देेते हुए प्रदेश सरकार को दस में माइनस दस नंबर दिए और कहा कि उमर सिर्फ फीते काट रहे हैं। घोषणा पत्र तिजोरी में बंद कर दिया गया है।विधायकों की कार्यशाला में हिस्सा लेने जम्मू आए तरुण चुघ ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कश्मीर में पैठ बनाने के लिए प्रयासों को साझा किया। उन्होंने सपा, कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस सभी पर निशाना साधा। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश...
आज की कार्यशाला में विधायक को क्या टिप्स दिए?
भाजपा न तो किसी मां-बेटे की पार्टी है न ही चाचा-भतीजा व बाप-बेटे की पार्टी है। इसमें शामिल हर नेता आम परिवारों से निकल कर आया है। पार्टी की अपनी रीति-नीति है। समय-समय पर अपने कैडर को अपडेट और अपग्रेड करती है। पार्टी की कार्य पद्धति से अवगत कराया जाता है। इस कार्यशाला में विधायकों को बताया गया कि सदन में उनके बात-व्यवहार कैसे होने चाहिए। कौन से मुद्दे किस तरह से उठाए जाने चाहिए। हमारा मकसद है कि सदन में विधायकों की परफारमेंस को बेहतर और प्रभावी बनाया जाए।
भाजपा किन मुद्दों को सदन में उठाने जा रही है?
18 महीने की सरकार है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के पास कोई रोडमैप नहीं है। कामकाज का कोई हिसाब नहीं है। सरकार ऐसे चल रही है मानो कोई जिम्मेदारी ही सिर पर न हो। पार्टी पर कंट्रोल नहीं है। उनके ही नेता उन्हें कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। घोषणा पत्र तो उन्होंने तिजोरी में बंद करके रख दिया है। एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी उमर अब्दुल्ला सरकार और न ही इसकी कोई कोशिश ही नजर आई। भाजपा सरकार के वादों को लेकर उसे घेरने को पूरी तरह से तैयार है।
भाजपा कितने नंबर देगी प्रदेश की सरकार को?
60 महीने में से 18 महीने यानि 30 प्रतिशत वक्त गुजर चुका है। घोषणा पत्र का एक फीसदी काम भी उन्होंने नहीं किया। सीएम की विधानसभा से ही हराकर जनता ने इसका जवाब भी दे दिया है। उनके अपने लोग भी उन्हें कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। भाजपा 10 में से माइनस 10 नंबर ही देगी।
उपचुनाव के नतीजे कश्मीर में भाजपा के पक्ष में नहीं रहे, पैठ मजबूत करने के लिए पार्टी की रणनीति क्या है?
विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। अगर कश्मीर की बात करें तो नेकां को बहुमत तो मिला है पर मतों का बहुमत नहीं मिला है। जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता नंबर एक पर नहीं है। साख और वोटबैंक की गिनती लगातार गिर रही है। पार्टी कश्मीर में पैठ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और भाजपा डबल इंजन की सरकार यहां भी बनाएंगे।
खेल हो या नौकरी,सरकार पर जम्मू से भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। क्या कहना है?
केंद्र ने हमेशा से क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा है। एम्स दिए तो दो दिए, इसी तरह दोनों संभागों का ध्यान रखा। पीरपंजाल हो, डोडा या भद्रवाह या कोई और भाग, समान विकास किया। अब्दुल्ला सरकार जब भी आई भेदभाव किया। मुफ्ती हो या अब्दुल्ला हमेशा से ऐसा करते आ रहे हैं।
पीरपंजाल व चिनाब अलग संभागीय क्षेत्र बनाने देने की बात महबूबा मुफ्ता कर रही हैं,आप क्या कहते हैं?
दोनों दुर्गम क्षेत्र हैं, विकास होना चाहिए। उन क्षेत्रों को रोशन करना चाहिए जहां अभी अंधेरा है। लोगों का दिल जीतना जरूरी है। इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। एक रिसर्च ग्रुप बनना चाहिए कि कैसे वहां के लोगों को रोजगार मिलेगा, वहां का विकास होगा।
आरक्षण को लेकर किसी का हक मारने नहीं देंगे:
एक सवाल के जवाब में तरुण चुघ ने कहा कि अब्दुल्ला हमेशा लोगों का हक मारना चाहते हैं। भाजपा आरक्षण के नाम पर किसी का हक मारने नहीं देगी। एसटी को इन्होंने सात दशक तक दबाकर रखा। एससी और एसटी को सम्मान मोदी जी ने दिया। पूरे देश में इनके पास रिजर्वेशन है, यहां क्यों नहीं होना चाहिए। इनकी तीन पीढ़ियों की सरकार में वाल्मीकि और महिलाओं के पास कभी अधिकार नहीं रहे।
माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद लेने जल्द आएंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष :
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन देशभर में प्रवास करेंगे और जम्मू-कश्मीर भी आएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि वे जल्द ही माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आएंगे।