J&K: कठुआ और भद्रवाह में बाढ़ से ध्वस्त हाइड्रो प्रोजेक्ट पुनर्निर्माण, शहर और गांवों को फिर मिलेगी रोशनी
जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम बाढ़ से ध्वस्त कठुआ के सेवा और भद्रवाह के हाइड्रो प्रोजेक्ट का पुनर्निर्माण कर जल्द बिजली उत्पादन शुरू करेगा।
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करीब 13 साल पहले बाढ़ से ध्वस्त कठुआ के सेवा और भद्रवाह के हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट फिर रोशनी देंगे। इससे प्रदेश के शहर और गांव रोशन होंगे। जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम करीब एक दशक पहले क्षतिग्रस्त कठुआ के सेवा दरिया और भद्रवाह के हेलून नाले पर बने पॉवर प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करेगी।
निगम के अधिकारी के अनुसार दोनों प्रोजेक्ट के पुनर्निर्माण के लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। डीपीआर बनाने का काम आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों कोे सौंपा गया है। जो भी बदलाव होंगे उनको विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल किया जाएगा। निर्माण को लेकर जरूरी कागजी कार्रवाई और विभागीय एनओसी का काम पूरा किया जा चुका है।
बाढ़ से कठुआ के सेवा दरिया स्थित नौ मेगावाट और भद्रवाह में हेलून नाले पर 1.10 मेगावाट का हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट था। 2013 में दोनों प्रोजेक्ट को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ। कठुआ में चैनल क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके बाद प्रोजेक्ट बंद हो गया। भद्रवाह में भी बिजली उत्पादन ठप हो गया था। अब विद्युत विकास निगम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से इनको दोबारा शुरू करेगा।
डीपीआर पर काम चल रहा है। कठुआ के सेवा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट का लाभ जम्मू के लोगों को भी मिलेगा। इससे बिजली आपूर्ति की समस्या से काफी राहत मिलेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जमीन पर्याप्त है। निर्माण के लिए टेंडर जल्द निकाले जाएंगे। पुनर्निर्माण का काम जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कबाइलियों के हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था मोहरा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट
उत्तरी कश्मीर के उड़ी में झेलम नदी के किनारे करीब 121 वर्ष पहले मोहरा हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट स्थापित हुआ था। लकड़ी से बनी नहर पर बना यह प्रोजेक्ट कबाइलियों के हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था। सरकार इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने जा रही है। आईआईटी रुढ़की की टीम इसकी तकनीकी संरचना में कुछ बदलाव करेगी ताकि प्रोजेक्ट से लंबे समय तक बिजली उत्पादन निर्बाध हो सके।
भद्रवाह और कठुआ के क्षतिग्रस्त हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जो भी कंपनी निर्माण के लिए आगे आएगी वह वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार काम करेगी। -राहुल यादव, प्रबंध निदेशक, जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम