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दो चरणों में जल संकट : पहले अमूल्य जल की बर्बादी, फिर खाली पाइप में सीवर का रिसाव
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जम्मू। जल ही जीवन है का नारा शहर में खोखला साबित हो रहा है। लाइफलाइन कही जाने वाली मुख्य पानी की सप्लाई लाइनें इस कदर जर्जर और खस्ताहाल हो चुकी हैं कि अब वे घरों के नलों तक साफ पानी नहीं, बल्कि बीमारी और जहर पहुंचा रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि सुबह-शाम सप्लाई शुरू होते ही सड़कों पर पानी बहने लग जाता है और सप्लाई बंद होते ही पाइपलाइन बीमारी का जरिया बन जाती है।
संकट दो चरणों में नुकसान पहुंचा रहा है। पहला चरण तब शुरू होता है जब पानी की सप्लाई आती है, लीकेज पॉइंट्स से हजारों लीटर स्वच्छ पानी बहकर सड़क और नालियों में बर्बाद हो जाता है। बड़ा खतरा दूसरे चरण में तब शुरू होता है जब सप्लाई बंद होती है। पाइपलाइन खाली होते ही उसके भीतर पानी का दबाव (प्रेशर) कम हो जाता है। लीकेज वाले रास्तों से आसपास की नालियों और सीवर का बदबूदार व गंदा पानी मुख्य पाइपलाइन के भीतर खिंच जाता है। अगली सुबह जब दोबारा सप्लाई शुरू होती है तो शुरुआती 15 से 20 मिनट तक घरों के नलों से बदबूदार और जहरीला पानी बहने लगता है।
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मासूम के लिए बड़ा खतरा, गिर रहा आईक्यू लेवल
दूषित पानी का यह कॉकटेल बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। अस्पतालों में पेट दर्द, डायरिया, पीलिया और टाइफाइड के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सीवर का पानी मिक्स होने से पीने के पानी में क्रोमियम जैसे भारी तत्वों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। जीएमसी के बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार जहरीले पानी से बच्चों का आईक्यू लेवल गिर सकता है, त्वचा की गंभीर एलर्जी हो सकती है और लिवर व किडनी तक डैमेज हो सकते हैं।
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शहर के प्रभावित इलाके
त्रिकुटा नगर : नहर के ठीक बीचोबीच मुख्य पाइप फटा है जिससे सप्लाई के समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है।
मुट्ठी रोड : मुख्य पाइप लाइन में बड़ी लीकेज है। प्रशासन की सुस्ती के कारण लोगों ने खुद प्लास्टिक की बोरियों से पानी रोकने का देसी जुगाड़ किया है।
विकास नगर : लापरवाही की ऐसी स्थिति है कि मुख्य नाले के ठीक अंदर से पाइपलाइन गुजर रही है जिसमें बड़ा सुराख हो चुका है।
गांधी नगर (ग्रीन बेल्ट) : सीवर लाइन और पानी की लाइन आपस में क्रॉस हो रही है जिससे आसपास का पूरा इलाका दलदल में तब्दील हो चुका है।
जानीपुर सेक्टर दो : करीब चार अलग-अलग जगहों पर मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो रही है।
नरवाल, छन्नी राम और रेलवे रोड - यहां भी मुख्य पाइपलाइन जगह-जगह से जर्जर है और व्यर्थ पानी बह रहा है।
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कुछ पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी है जिन्हें बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जहां भी लीकेज की शिकायत आ रही है वहां तुरंत टीम भेजकर मरम्मत कार्य कराया जाएगा। पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए क्लोरिनेशन की मात्रा बढ़ा दी गई है।
-मोहम्मद हनीफ, चीफ इंजीनियर, पीएचई जम्मू
संकट दो चरणों में नुकसान पहुंचा रहा है। पहला चरण तब शुरू होता है जब पानी की सप्लाई आती है, लीकेज पॉइंट्स से हजारों लीटर स्वच्छ पानी बहकर सड़क और नालियों में बर्बाद हो जाता है। बड़ा खतरा दूसरे चरण में तब शुरू होता है जब सप्लाई बंद होती है। पाइपलाइन खाली होते ही उसके भीतर पानी का दबाव (प्रेशर) कम हो जाता है। लीकेज वाले रास्तों से आसपास की नालियों और सीवर का बदबूदार व गंदा पानी मुख्य पाइपलाइन के भीतर खिंच जाता है। अगली सुबह जब दोबारा सप्लाई शुरू होती है तो शुरुआती 15 से 20 मिनट तक घरों के नलों से बदबूदार और जहरीला पानी बहने लगता है।
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मासूम के लिए बड़ा खतरा, गिर रहा आईक्यू लेवल
दूषित पानी का यह कॉकटेल बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। अस्पतालों में पेट दर्द, डायरिया, पीलिया और टाइफाइड के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सीवर का पानी मिक्स होने से पीने के पानी में क्रोमियम जैसे भारी तत्वों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। जीएमसी के बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार जहरीले पानी से बच्चों का आईक्यू लेवल गिर सकता है, त्वचा की गंभीर एलर्जी हो सकती है और लिवर व किडनी तक डैमेज हो सकते हैं।
शहर के प्रभावित इलाके
त्रिकुटा नगर : नहर के ठीक बीचोबीच मुख्य पाइप फटा है जिससे सप्लाई के समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है।
मुट्ठी रोड : मुख्य पाइप लाइन में बड़ी लीकेज है। प्रशासन की सुस्ती के कारण लोगों ने खुद प्लास्टिक की बोरियों से पानी रोकने का देसी जुगाड़ किया है।
विकास नगर : लापरवाही की ऐसी स्थिति है कि मुख्य नाले के ठीक अंदर से पाइपलाइन गुजर रही है जिसमें बड़ा सुराख हो चुका है।
गांधी नगर (ग्रीन बेल्ट) : सीवर लाइन और पानी की लाइन आपस में क्रॉस हो रही है जिससे आसपास का पूरा इलाका दलदल में तब्दील हो चुका है।
जानीपुर सेक्टर दो : करीब चार अलग-अलग जगहों पर मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो रही है।
नरवाल, छन्नी राम और रेलवे रोड - यहां भी मुख्य पाइपलाइन जगह-जगह से जर्जर है और व्यर्थ पानी बह रहा है।
कुछ पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी है जिन्हें बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जहां भी लीकेज की शिकायत आ रही है वहां तुरंत टीम भेजकर मरम्मत कार्य कराया जाएगा। पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए क्लोरिनेशन की मात्रा बढ़ा दी गई है।
-मोहम्मद हनीफ, चीफ इंजीनियर, पीएचई जम्मू