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Jammu News: नशे के सौदागरों के साम्राज्य पर चला बुलडोजर, 10 करोड़ की संपत्ति जमींदोज
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जम्मू/बिश्नाह। नशे के सौदागरों और संगठित अपराध में लिप्त माफिया के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को बिश्नाह के गांव हर्षा डब्बर में पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर घंटों तक चला। प्रशासन ने तीन हार्डकोर अपराधियों की नशे के कारोबार से जुटाई तीन अवैध आलीशान इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया। इनकी कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
डीसी राकेश मिन्हास के आदेश और एसएसपी के तालमेल के बाद कड़ी कार्रवाई की गई। आतंक और नशे का नेटवर्क चला रहे तीनों अपराधी प्रशासन के रडार पर आए। इसमें वजीरू चक निवासी गुलजार अहमद उर्फ लाहू सबसे बड़ा सिरदर्द था। उसके खिलाफ हत्या, तस्करी और एनडीपीएस एक्ट के तहत 28 एफआईआर दर्ज हैं। वजीरू चक के ही फरमान अली उर्फ फल्ला जो सरोर (सांबा) में रह रहा है, हिस्ट्रीशीटर है और उस पर आठ एफआईआर दर्ज हैं।
फरीदा बीबी उर्फ मजीदा न सिर्फ तस्करी में शामिल थी बल्कि आतंकी गतिविधियों के आरोपी के लिए मददगार के रूप में काम कर रही थीं। ऑपरेशन की कमान एसडीएम साउथ मनु हंसा और एसपी हेडक्वार्टर अन्ना सिन्हा संभाल रहीं थी। साथ में तहसीलदा अंकुश त्रिपाठी, एसडीपीओ गुरमीत सिंह और एसएचओ दीपक ठाकुर समेत राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी मुस्तैद रहे।
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खसरा नंबर 2191 और 2208 पर था कब्जा
अधिकारियों के अनुसार अपराधियों ने खसरा नंबर 2191 और 2208 की सरकारी और विवादित जमीन पर करोड़ों रुपये के अवैध निर्माण कराकर कब्जा कर रखा था। ये इमारतें नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई 10 करोड़ की कमाई से बनाई गई थीं।
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नशे के कारोबार और अवैध धंधे से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। खासकर युवाओं से अपील कि वे असामाजिक गतिविधियों से दूर रहें और देश के विकास में योगदान दें।
- राकेश मिन्हास, डीसी।
डीसी राकेश मिन्हास के आदेश और एसएसपी के तालमेल के बाद कड़ी कार्रवाई की गई। आतंक और नशे का नेटवर्क चला रहे तीनों अपराधी प्रशासन के रडार पर आए। इसमें वजीरू चक निवासी गुलजार अहमद उर्फ लाहू सबसे बड़ा सिरदर्द था। उसके खिलाफ हत्या, तस्करी और एनडीपीएस एक्ट के तहत 28 एफआईआर दर्ज हैं। वजीरू चक के ही फरमान अली उर्फ फल्ला जो सरोर (सांबा) में रह रहा है, हिस्ट्रीशीटर है और उस पर आठ एफआईआर दर्ज हैं।
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फरीदा बीबी उर्फ मजीदा न सिर्फ तस्करी में शामिल थी बल्कि आतंकी गतिविधियों के आरोपी के लिए मददगार के रूप में काम कर रही थीं। ऑपरेशन की कमान एसडीएम साउथ मनु हंसा और एसपी हेडक्वार्टर अन्ना सिन्हा संभाल रहीं थी। साथ में तहसीलदा अंकुश त्रिपाठी, एसडीपीओ गुरमीत सिंह और एसएचओ दीपक ठाकुर समेत राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी मुस्तैद रहे।
खसरा नंबर 2191 और 2208 पर था कब्जा
अधिकारियों के अनुसार अपराधियों ने खसरा नंबर 2191 और 2208 की सरकारी और विवादित जमीन पर करोड़ों रुपये के अवैध निर्माण कराकर कब्जा कर रखा था। ये इमारतें नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई 10 करोड़ की कमाई से बनाई गई थीं।
नशे के कारोबार और अवैध धंधे से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। खासकर युवाओं से अपील कि वे असामाजिक गतिविधियों से दूर रहें और देश के विकास में योगदान दें।
- राकेश मिन्हास, डीसी।